बकरी बचाते हुए दिव्यांग युवती की मौत:गोपालगंज में टूटे इलेक्ट्रिक वायर की चपेट में आई

बकरी बचाते हुए दिव्यांग युवती की मौत:गोपालगंज में टूटे इलेक्ट्रिक वायर की चपेट में आई

गोपालगंज जिले के महमदपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया कुंवर टोला गांव में करंट लगने से एक 28 वर्षीय दिव्यांग युवती की मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब युवती अपनी पालतू बकरी को बिजली के नंगे तारों की चपेट में आने से बचाने का प्रयास कर रही थी। मृतका की पहचान डुमरिया कुंवर टोला निवासी स्वर्गीय बागेश्वर महतो की बेटी अनीता कुमारी के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, युवती अपने घर के पास थी तभी उसने देखा कि उसकी बकरी चरते हुए एक ट्रांसफार्मर के पास जा रही थी। वहां बिजली का तार टूटकर नीचे गिरा हुआ था और उसमें विद्युत प्रवाह हो रहा था। शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद, अपनी बकरी के प्रति स्नेह के कारण वह उसे बचाने के लिए तेजी से उसकी ओर दौड़ी। हाई-वोल्टेज तारों की चपेट में आ गई युवती ने सफलतापूर्वक बकरी को खतरे से बाहर धकेल दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसका संतुलन बिगड़ गया और वह स्वयं उन हाई-वोल्टेज तारों की चपेट में आ गई। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि युवती मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गई। जब तक ग्रामीण उसे बचाने के लिए दौड़ते और बिजली आपूर्ति बंद करवाई जाती, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। बुजुर्ग मां का एकमात्र सहारा थी मृतका के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था। पिता की मृत्यु के बाद वह अपनी बुजुर्ग मां का एकमात्र सहारा थी। वह अपनी माँ के साथ घर पर रहती थी और घर के छोटे-मोटे कार्यों में हाथ बँटाकर जीवन यापन में मदद करती थी। बेटी की मौत के बाद बूढ़ी माँ का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि अनीता दिव्यांग होने के बावजूद बहुत साहसी थी। उनकी निस्वार्थ भावना ने ही उनकी जान ले ली। जिस बकरी को उन्होंने अपने प्राण देकर बचाया, वह अब उसी घर के आंगन में बंधी है, जहाँ उसकी मालकिन का शव पड़ा था। गोपालगंज जिले के महमदपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया कुंवर टोला गांव में करंट लगने से एक 28 वर्षीय दिव्यांग युवती की मृत्यु हो गई। यह घटना तब हुई जब युवती अपनी पालतू बकरी को बिजली के नंगे तारों की चपेट में आने से बचाने का प्रयास कर रही थी। मृतका की पहचान डुमरिया कुंवर टोला निवासी स्वर्गीय बागेश्वर महतो की बेटी अनीता कुमारी के रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, युवती अपने घर के पास थी तभी उसने देखा कि उसकी बकरी चरते हुए एक ट्रांसफार्मर के पास जा रही थी। वहां बिजली का तार टूटकर नीचे गिरा हुआ था और उसमें विद्युत प्रवाह हो रहा था। शारीरिक रूप से दिव्यांग होने के बावजूद, अपनी बकरी के प्रति स्नेह के कारण वह उसे बचाने के लिए तेजी से उसकी ओर दौड़ी। हाई-वोल्टेज तारों की चपेट में आ गई युवती ने सफलतापूर्वक बकरी को खतरे से बाहर धकेल दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश उसका संतुलन बिगड़ गया और वह स्वयं उन हाई-वोल्टेज तारों की चपेट में आ गई। बिजली का झटका इतना जोरदार था कि युवती मौके पर ही गंभीर रूप से झुलस गई। जब तक ग्रामीण उसे बचाने के लिए दौड़ते और बिजली आपूर्ति बंद करवाई जाती, तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। बुजुर्ग मां का एकमात्र सहारा थी मृतका के सिर से पिता का साया पहले ही उठ चुका था। पिता की मृत्यु के बाद वह अपनी बुजुर्ग मां का एकमात्र सहारा थी। वह अपनी माँ के साथ घर पर रहती थी और घर के छोटे-मोटे कार्यों में हाथ बँटाकर जीवन यापन में मदद करती थी। बेटी की मौत के बाद बूढ़ी माँ का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि अनीता दिव्यांग होने के बावजूद बहुत साहसी थी। उनकी निस्वार्थ भावना ने ही उनकी जान ले ली। जिस बकरी को उन्होंने अपने प्राण देकर बचाया, वह अब उसी घर के आंगन में बंधी है, जहाँ उसकी मालकिन का शव पड़ा था।  

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