किउल-जसीडीह रेलखंड के गेनाडीह-रतनपुर रेलवे फाटक पर मंगलवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। जमुई से झाझा की ओर जा रही एक मालगाड़ी के आने से ठीक पहले पोकलेन मशीन लदा एक हाईवा रेलवे फाटक में फंस गया। इस घटना से कुछ मिनटों के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मालगाड़ी के गुजरने से पहले गेनाडीह-रतनपुर रेलवे फाटक के गेटमैन छोटू कुमार रेलवे क्रॉसिंग बंद कर रहे थे। इसी दौरान दो हाईवा तेजी से रेलवे ट्रैक पार करने लगे। एक हाईवा तो फाटक पार कर गया, लेकिन दूसरा हाईवा, जिस पर भारी पोकलेन मशीन लदी हुई थी, रेलवे गेट के बीचों-बीच फंस गया। वायरलेस के माध्यम से मालगाड़ी चालक को अलर्ट किया स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गेटमैन छोटू कुमार ने तत्काल रेलवे के वरीय अधिकारियों को घटना की सूचना दी और वायरलेस के माध्यम से मालगाड़ी चालक को अलर्ट किया। सूचना मिलते ही मालगाड़ी चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को फाटक से कुछ दूरी पहले ही रोक दिया। रेलवे ट्रैक को सुरक्षित घोषित किया गया करीब आठ मिनट तक मालगाड़ी गेनाडीह-रतनपुर रेलवे फाटक के पास खड़ी रही। इस दौरान रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत कर फाटक में फंसे पोकलेन लदे हाईवा को हटाया गया। वाहन हटने के बाद रेलवे ट्रैक को सुरक्षित घोषित किया गया और फिर रेल परिचालन सामान्य हो सका। गेटमैन छोटू कुमार ने बताया कि यदि कुछ सेकेंड की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि समय रहते रेलवे अधिकारियों और मालगाड़ी चालक को सूचना दे दी गई, जिससे दुर्घटना टल गई। किउल-जसीडीह रेलखंड के गेनाडीह-रतनपुर रेलवे फाटक पर मंगलवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। जमुई से झाझा की ओर जा रही एक मालगाड़ी के आने से ठीक पहले पोकलेन मशीन लदा एक हाईवा रेलवे फाटक में फंस गया। इस घटना से कुछ मिनटों के लिए मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मालगाड़ी के गुजरने से पहले गेनाडीह-रतनपुर रेलवे फाटक के गेटमैन छोटू कुमार रेलवे क्रॉसिंग बंद कर रहे थे। इसी दौरान दो हाईवा तेजी से रेलवे ट्रैक पार करने लगे। एक हाईवा तो फाटक पार कर गया, लेकिन दूसरा हाईवा, जिस पर भारी पोकलेन मशीन लदी हुई थी, रेलवे गेट के बीचों-बीच फंस गया। वायरलेस के माध्यम से मालगाड़ी चालक को अलर्ट किया स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गेटमैन छोटू कुमार ने तत्काल रेलवे के वरीय अधिकारियों को घटना की सूचना दी और वायरलेस के माध्यम से मालगाड़ी चालक को अलर्ट किया। सूचना मिलते ही मालगाड़ी चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को फाटक से कुछ दूरी पहले ही रोक दिया। रेलवे ट्रैक को सुरक्षित घोषित किया गया करीब आठ मिनट तक मालगाड़ी गेनाडीह-रतनपुर रेलवे फाटक के पास खड़ी रही। इस दौरान रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से कड़ी मशक्कत कर फाटक में फंसे पोकलेन लदे हाईवा को हटाया गया। वाहन हटने के बाद रेलवे ट्रैक को सुरक्षित घोषित किया गया और फिर रेल परिचालन सामान्य हो सका। गेटमैन छोटू कुमार ने बताया कि यदि कुछ सेकेंड की भी देरी होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। उन्होंने कहा कि समय रहते रेलवे अधिकारियों और मालगाड़ी चालक को सूचना दे दी गई, जिससे दुर्घटना टल गई।


