सिरसा में फर्जी-शादी करा दुल्हन भगाने वाले गिरोह की कहानी:पुलिस बोली-सभी जेल भेजे, पीड़िता बोला-रिकवरी न रिमांड, पैसे बांटकर खा गए

सिरसा में फर्जी-शादी करा दुल्हन भगाने वाले गिरोह की कहानी:पुलिस बोली-सभी जेल भेजे, पीड़िता बोला-रिकवरी न रिमांड, पैसे बांटकर खा गए

सिरसा में फर्जी शादी कराकर दुल्हन भगाने वाले गिरोह की कहानी बड़ी अजीब है। इस गिरोह के दो महिला व तीन युवक सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और एक महिला को जमानत मिल गई। पुलिस के अनुसार, इस गिरोह का पूरा पर्दाफाश हो गया है और पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया है। ये इन्होंने पहली शादी करवाई थी, उसी में फंस गए। शिकायतकर्ता पीड़िता के अनुसार, अभी तक आरोपियों से न रिकवरी कराई है तो न ही उनमें से किसी का रिमांड लिया, ताकि ये बाद में किसी और को शिकार न बनाएं। उसी में पता चलता कि इस तरह की कितनी शादियां कराई और लोगों को ठग चुके हैं। इन पांचों आरोपियों ने उससे शादी कराने के नाम पर जो डेढ़ लाख रुपए लिए थे, वो पैसे आपस में हिस्सा बांटकर खा गए। जब उनसे पैसों के बारे में पूछा तो सरगना सरोज ने पहले बताया कि उन तीनों में से किसी एक के पास 90 हजार बचे हैं। जब ये तीनों गिरफ्तार हुए तो बोले, कोई पैसे नहीं है। वो पैसे खर्च दिए। किसी ने कहा, मां बीमार हो गई तो किसी ने कहा, घर में जरूरत पड़ने पर खर्च हो गए। आरोप है कि सरोज तो उस पर केस वापसी का दबाव भी बना रही थी। वहीं, दुल्हन बनी शिवानी चार शादियां कर चुकी है और उसके दो बच्चे भी हैं। शिवानी रानियां में भी एक युवक को फंसाना चाहती थी, पर वह इनके जाल में फंसने से बच गया। शिवानी व सरोज की भी पूरी कुंडली नहीं निकली गई। इस गिरोह में यहीं नहीं, कई लोग शामिल होने की आशंका है। जानिएं पूरे गिरोह में कौन क्या करता पुलिस के अनुसार, हिसार जिले के आदमपुर से शिव कॉलोनी निवासी गोबिंद उर्फ सन्नी, नथुराम उर्फ नथु एवं अजाब सिंह उर्फ लेगा तीनों ही कम पढ़े-लिखे हैं और दिहाड़ी मजदूरी का काम करते हैं। नशे के आदी है। इनकी पहले कहीं आते-जाते समय सरोज से मुलाकत हुई थी। फिर फोन पर बातचीत होने से सपंर्क में आ गए। तीनों ही सरोज के संपर्क में आ गए और इन्होंने गिरोह बना लिया। इसी काम से अपना कर-गुजारा चलाते हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी शिवानी पहले हाउस मेड का काम करती थी और नशे की आदी है। 8वीं पास है और दो बच्चों की मां है। नशे की पूर्ति के लिए हिसार में मैरिज सेंटर बनाया, जहां पर लड़की दिखाकर शादी करवाई जाती थी। जो पैसे आते, वो आपस में अपना-अपना हिस्सा बांट लेते। हिसार की पड़ाव चौक निवासी सरोज, जिसने गिरोह की सरगना के तौर पर कुंवारे लड़कों को फंसाने की साजिश रची और बिचौलिए के तौर पर पैसों की डील करती थी। पुलिस पूछताछ में भी अपना अपराध कबूल कर लिया है। थाना प्रभारी बोले, गिरोह में पांच लोग शामिल शहर थाना प्रभारी संदीप कुमार के अनुसार, इस गिरोह में पांच लोग शामिल थे और पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। ये गिरोह शादी करवाते थे और लड़की को गहनें-पैसे लेकर भगा ले जाते थे। सिरसा में पहली शादी थी, बाकी शिकायत नहीं आई। ये सवाल, जो शक बढ़ा रहे वहीं, पुलिस ने शादी से ठगे गहनें व कुछ पैसों की रिकवरी की है। मगर सवाल ये है कि आरोपियों से शादी के नाम की डील के पैसों की रिकवरी नहीं हुई है और न ही पुलिस रिमांड तक नहीं लिया गया। शिकायतकर्ता बोला, इनको सबक सिखाने के लिए पुलिस को शिकायत दी थी, ताकि किसी और के साथ ऐसी ठगी न करे। इनको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब ये जेल में जाने के बाद जमानत पर आ जाएंगे तो इनसे जान का और खतरा बढ़ गया है। शक है कि इस गिरोह में ये पांच ही नहीं, बाकी लोग भी संलिप्त मिलेंगे। पीड़ित ड्राइवर बोला, जानकार के दोस्त के आगे जिक्र किया था सिरसा के पंजुआना गांव निवासी युवक ने बताया, वह बिजली निगम में ड्राइवर के पद पर कार्यरत है। उसका एक साथी ड्राइवर है। उसी के सामने सितंबर 2025 में शादी का जिक्र किया था। उसने बताया कि उसकी पहचान के कुछ ऐसे लोग से हैं, जो पैसे लेकर शादी करवाते हैं। जनवरी 2026 में पुलिस को शिकायत दी। इसे लेकर एसपी से दोबारा मिलेंगे। उसकी मुलाकात हिसार के पड़ाव चौक स्थित एक मकान में शिवानी शर्मा नाम की युवती से करवाई और वहीं उसकी सगाई करा दी। उससे डेढ़ लाख रुपए और गहने मांगे गए। शिवानी काफी दिनों तक शादी न करने का बहाना बनाती रही। माता-पिता की मौत का हवाला देकर 3 अक्टूबर 2025 को बिना शादी किए ही उसके साथ रहने लगी। पीड़ित बोला, 8 अक्टूबर को शिवानी ने कहा कि उसे अपनी सहेली से मिलने के लिए जाना है। इसके बाद वह नहीं लौटी। घर से कैश और कुछ गहने भी अपने साथ ले गई, उन्हें पता चला कि वह एक महिला के साथ फरार हुई है। इसके बाद पुलिस के पास पहुंचा।

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