अबू धाबी के जेल में 8 महीने से बंद पति:रिहाई के लिए पत्नी डीएम के जनता दरबार पहुंची, पीएम-राष्ट्रपति को भी किया मेल

अबू धाबी के जेल में 8 महीने से बंद पति:रिहाई के लिए पत्नी डीएम के जनता दरबार पहुंची, पीएम-राष्ट्रपति को भी किया मेल

समस्तीपुर का उजाले अबू धाबी जेल में 7 महीने से बंद है। परिजन का कहना है कि उसे ड्रग सप्लाई के झूठे केस में फंसाया गया है। पत्नी रोज परवीन कहता हैं कि मुजफ्फरपुर के एक एजेंट ने विदेश में अच्छी नौकरी का लालच दिया था। नौकरी दिलाने के लिए 90 हजार भी लिए थे, जो हमने कर्ज लेकर दिया था। 9 नवंबर 2024 को मेरे पति को एजेंट विदेश ले गया था। वहां उनसे मिट्‌टी कटाई का काम कराने लगा। कुछ दिन पति ने ये काम किया, फिर उन्होंने कह दिया कि ये काम अब नहीं कर पाएंगे। जिसके बाद उन्हें फंसाकर 8 अक्टूबर 2025 को जेल भेजवा दिया गया। पत्नी परवीन सोमवार को डीएम के जनता दरबार में पहुंची। जहां उन्होंने पति की रिहाई की मांग की है। इसके अलावा पीएम, राष्ट्रपति, विदेश मंत्रालय और बिहार के मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से लिखित आवेदन भेजा है। समस्तीपुर में मजदूरी करता था उजाले 28 साल का मोहम्मद उजाले समस्तीपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भागीरथपुर गांव का निवासी है। वह समस्तीपुर में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मां रिजवाना बताती है कि उसका बेटा मई 2024 में चकनूर के रहने वाले अनवर और अकबर के संपर्क में आया, जिन्होंने उसे दुबई में अच्छी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। अनवर और अकबर ने उजाले को मुजफ्फरपुर के एक एजेंट अनस तौकीर से मिलवाया। तौकीर ने उसे मोबाइल टावर कंपनी, मार्बल कंपनी या ड्राइविंग का काम दिलाने का वादा किया। 5 नवंबर को उसे दिल्ली ले जाया गया और 9 नवंबर 2024 को फ्लाइट से अबू धाबी भेज दिया गया।
पिछले साल अगस्त में हुई थी गिरफ्तारी 14 अगस्त 2025 को अबू धाबी पुलिस ने ड्रग सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया। उजाले को दो महीने तक अबू धाबी पुलिस स्टेशन में रखा गया। इसके बाद 8 अक्टूबर 2025 को अबू धाबी पुलिस ने उसे फुजिरा जेल भेज दिया, जहां वह पिछले 7 महीने से बंद है। मोहम्मद उजाले के गरीब माता-पिता अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए उसकी रिहाई के लिए बिहार सरकार और भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। रोजी परवीन के अनुसार, उनके पति दो भाई हैं और उनके ससुर मंदबुद्धि के हैं। उनके पति ही मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे, जिससे परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। आवेदन सरकार को भेजा जाएगा जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा है कि कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भागीरतपुर गांव की रहने वाली रोजी परवीन ने एक लिखित आवेदन दिया है। लिखित आवेदन में बताया गया है कि ड्रग्स सप्लाई करने के आरोप में उनके पति विदेश के जेल में 8 महीने से बंद है। आवेदन सरकार को भेजा जाएगा। सरकार के माध्यम से विदेश मंत्रालय को यह आवेदन भेजा जाएगा और जांच कर कर इसमें आवश्यक कार्रवाई जाएगी। समस्तीपुर का उजाले अबू धाबी जेल में 7 महीने से बंद है। परिजन का कहना है कि उसे ड्रग सप्लाई के झूठे केस में फंसाया गया है। पत्नी रोज परवीन कहता हैं कि मुजफ्फरपुर के एक एजेंट ने विदेश में अच्छी नौकरी का लालच दिया था। नौकरी दिलाने के लिए 90 हजार भी लिए थे, जो हमने कर्ज लेकर दिया था। 9 नवंबर 2024 को मेरे पति को एजेंट विदेश ले गया था। वहां उनसे मिट्‌टी कटाई का काम कराने लगा। कुछ दिन पति ने ये काम किया, फिर उन्होंने कह दिया कि ये काम अब नहीं कर पाएंगे। जिसके बाद उन्हें फंसाकर 8 अक्टूबर 2025 को जेल भेजवा दिया गया। पत्नी परवीन सोमवार को डीएम के जनता दरबार में पहुंची। जहां उन्होंने पति की रिहाई की मांग की है। इसके अलावा पीएम, राष्ट्रपति, विदेश मंत्रालय और बिहार के मुख्यमंत्री को ईमेल के माध्यम से लिखित आवेदन भेजा है। समस्तीपुर में मजदूरी करता था उजाले 28 साल का मोहम्मद उजाले समस्तीपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भागीरथपुर गांव का निवासी है। वह समस्तीपुर में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मां रिजवाना बताती है कि उसका बेटा मई 2024 में चकनूर के रहने वाले अनवर और अकबर के संपर्क में आया, जिन्होंने उसे दुबई में अच्छी कंपनी में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। अनवर और अकबर ने उजाले को मुजफ्फरपुर के एक एजेंट अनस तौकीर से मिलवाया। तौकीर ने उसे मोबाइल टावर कंपनी, मार्बल कंपनी या ड्राइविंग का काम दिलाने का वादा किया। 5 नवंबर को उसे दिल्ली ले जाया गया और 9 नवंबर 2024 को फ्लाइट से अबू धाबी भेज दिया गया।
पिछले साल अगस्त में हुई थी गिरफ्तारी 14 अगस्त 2025 को अबू धाबी पुलिस ने ड्रग सप्लाई करने के आरोप में गिरफ्तार किया। उजाले को दो महीने तक अबू धाबी पुलिस स्टेशन में रखा गया। इसके बाद 8 अक्टूबर 2025 को अबू धाबी पुलिस ने उसे फुजिरा जेल भेज दिया, जहां वह पिछले 7 महीने से बंद है। मोहम्मद उजाले के गरीब माता-पिता अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए उसकी रिहाई के लिए बिहार सरकार और भारत सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। रोजी परवीन के अनुसार, उनके पति दो भाई हैं और उनके ससुर मंदबुद्धि के हैं। उनके पति ही मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करते थे, जिससे परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। आवेदन सरकार को भेजा जाएगा जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने कहा है कि कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भागीरतपुर गांव की रहने वाली रोजी परवीन ने एक लिखित आवेदन दिया है। लिखित आवेदन में बताया गया है कि ड्रग्स सप्लाई करने के आरोप में उनके पति विदेश के जेल में 8 महीने से बंद है। आवेदन सरकार को भेजा जाएगा। सरकार के माध्यम से विदेश मंत्रालय को यह आवेदन भेजा जाएगा और जांच कर कर इसमें आवश्यक कार्रवाई जाएगी।  

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