पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बेहतर प्रदर्शन और बहुमत के रुझानों के बाद सीमावर्ती किशनगंज जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। शुरुआती चुनाव परिणामों के संकेत मिलते ही कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। शहर के प्रसिद्ध बुरी काली मंदिर परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से जश्न मनाया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता झूमते नजर आए। ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा मंदिर प्रांगण में विधिवत पूजा-अर्चना की गई और बंगाली परंपरा के अनुसार रसगुल्ला एवं झालमुड़ी बांटकर खुशी साझा की गई। पूरे परिसर में ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। भाजपा नेता सुशांत गोप ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी के पक्ष में आ रहे रुझान जनता के विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परिणाम क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है और विकास के नए द्वार खोलेगा। गौरतलब है कि बुरी काली मंदिर परिसर पहले भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। इसी स्थान पर पूर्व में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कार्यक्रम और पूजा-अर्चना आयोजित की गई थी, जिसके बाद से यह स्थल भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए आस्था और उत्साह का केंद्र बना हुआ है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बेहतर प्रदर्शन और बहुमत के रुझानों के बाद सीमावर्ती किशनगंज जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। शुरुआती चुनाव परिणामों के संकेत मिलते ही कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। शहर के प्रसिद्ध बुरी काली मंदिर परिसर में भाजपा कार्यकर्ताओं ने विशेष रूप से जश्न मनाया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों की थाप पर कार्यकर्ता झूमते नजर आए। ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा मंदिर प्रांगण में विधिवत पूजा-अर्चना की गई और बंगाली परंपरा के अनुसार रसगुल्ला एवं झालमुड़ी बांटकर खुशी साझा की गई। पूरे परिसर में ‘जय श्रीराम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल गूंज उठा। भाजपा नेता सुशांत गोप ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पार्टी के पक्ष में आ रहे रुझान जनता के विश्वास का प्रतीक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह परिणाम क्षेत्रीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है और विकास के नए द्वार खोलेगा। गौरतलब है कि बुरी काली मंदिर परिसर पहले भी राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा है। इसी स्थान पर पूर्व में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कार्यक्रम और पूजा-अर्चना आयोजित की गई थी, जिसके बाद से यह स्थल भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए आस्था और उत्साह का केंद्र बना हुआ है।


