महावीर फोगाट ने आरोप लगाया कि यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर पूर्व डब्ल्यूएफआई प्रमुख बृज भूषण शरण सिंह के खिलाफ लंबे समय से चल रहे आंदोलन के बावजूद महासंघ में कोई खास बदलाव नहीं आया है। उनकी यह टिप्पणी तब आई जब विनेश ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वह भी पीड़ितों में से एक थीं और उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोंडा में सिंह के स्वामित्व वाले कॉलेज में टूर्नामेंट आयोजित किए जाने पर आपत्ति जताई।
फोगाट ने कहा, डब्ल्यूएफआई के मौजूदा प्रमुख बृज भूषण के सिर्फ एक कठपुतली हैं। यह एक अनुचित प्रतिस्पर्धा होगी। इससे यह स्पष्ट होता है कि आंदोलन से पहले की तरह ही स्थिति अभी भी उतनी ही संदिग्ध और भ्रष्ट बनी हुई है।
आयोजन स्थल पर उठाए सवाल
आयोजन स्थल के औचित्य पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब दिल्ली के आसपास पर्याप्त बुनियादी ढांचा और खिलाड़ियों की अच्छी-खासी संख्या मौजूद है, तो गोंडा में इस आयोजन को आयोजित करना गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा, इससे यह संकेत मिलता है कि केंद्र सरकार भी विश्व फुटबॉल महासंघ (WFI) में स्थिति सुधारने के लिए कुछ नहीं कर सकी। बृज भूषण अभी भी महासंघ के वास्तविक प्रमुख के रूप में सत्ता की बागडोर संभाले हुए हैं।
महासंघ को भंग किया जाए फोगाट ने महासंघ को भंग करने की अपनी मांग को दोहराया और व्यवस्था में पूर्ण सुधार का आह्वान करते हुए सुझाव दिया कि खेल मंत्रालय को डब्ल्यूएफआई और अन्य महासंघों का प्रभार लेना चाहिए जो “भेदभाव और भ्रष्टाचार के एक सड़े हुए और कुख्यात पैटर्न से ग्रस्त हैं।
ये टिप्पणियां विनेश फोगाट के उस बयान के बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने प्रतिस्पर्धी कुश्ती में संभावित वापसी और रैंकिंग टूर्नामेंट में भाग लेने की तैयारी के दौरान आक्रोश व्यक्त किया था। विनेश फोगाट ने क्या लगाए हैं आरोप… पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी विनेश ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट करते हुए कहा- आप सब को नमस्कार। जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेसलिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेसलिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं। एक महीने पहले कॉम्पिटीशन अनाउंस हुआ विनेश ने आगे कहा कि मैं आप सबके साथ वीडियो के माध्यम से कुछ बातें साझा करना चाहती हूं। आज से करीब एक महीना पहले रेसलिंग फेडरेशन ने एक कॉम्पिटीशन का अनाउंसमेंट किया गया। यह टूर्नामेंट जहां पर ऑर्गनाइज करवाया जा रहा है, वो गोंडा यूपी है। जहां बृजभूषण का घर है। वहां उसका प्राइवेट कॉलेज है। वहां पर मेहनत करने वाले हर खिलाड़ी को उसका हक मिलेगा, यह बड़ा नामुमकिन और बहुत इम्पॉसिबल चीज है। सरकार ने सब बृजभूषण के सहारे छोड़ा विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं। सभी मेहनती खिलाड़ियों का वजन सही से चेक किया जाएगा, उनकी मेहनत का असल रिजल्ट मैट पर निकलकर आएगा, ऐसा मुझे नहीं लगता। केस कोर्ट में पेंडिंग है विनेश ने कहा कि आज से तीन साल पहले हमने सेक्सुअल हैरेसमेंट के खिलाफ भी आवाज उठाई थी। उससे संबंधित केस कोर्ट में पेंडिंग है। 6 महिला खिलाड़ियों ने उसमें शिकायत और गवाही दी थी, उस केस में गवाहियां चल रही है। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है कि किसी भी पीड़ित की पहचान को सार्वजनिक न किया जाए, क्योंकि उनकी गरिमा और मान सम्मान की बात होती है। आज कुछ मजबूरियां ऐसी है कि मैं आप सभी को कुछ बताना चाहती हूं। मैं अभी नहीं बोलना चाहती थी, क्योंकि कोर्ट में केस पेडिंग है। देश के सामने सब सच्चाई सामने आ जाएगी। मैं बताना चाहती हूं कि उन 6 में से एक विक्टिम मैं खुद हूं, जिन्होंने शिकायत दी थी।


