अररिया जिले में एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय है। वर्तमान में जिले में 11,526 गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आमजन को घर-घर गैस उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक पंचायत में पंचायत सरकार भवन और अन्य पंचायत भवनों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत और नगर परिषद के तहत तीन-तीन वार्डों के क्लस्टर बनाकर अलग-अलग कंट्रोल रूम संचालित हो रहे हैं। जिले की चार गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों पर नकेल कसने के लिए सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में जिले की चार गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 06453-222309 है। 17 मार्च से 3 मई 2026 तक इस कक्ष में कुल 514 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 492 का समाधान कर दिया गया है। शेष 22 लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित एजेंसियों के एरिया मैनेजर को निर्देश दिए गए हैं। गैस आपूर्ति को लेकर पूरी निगरानी रखी जा रही – प्रशासन तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में उत्पन्न समस्याओं को देखते हुए, जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष से सीधे संपर्क करें और बिना आधार की अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन का कहना है कि गैस आपूर्ति को लेकर पूरी निगरानी रखी जा रही है और हर स्तर पर पारदर्शिता बरती जा रही है। इस प्रयास का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के निवासियों को राहत प्रदान करना है, ताकि कोई भी उपभोक्ता गैस सिलेंडर की कमी से परेशान न हो। अररिया जिले में एलपीजी गैस की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय है। वर्तमान में जिले में 11,526 गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ताओं को कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा। आमजन को घर-घर गैस उपलब्ध कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। प्रत्येक पंचायत में पंचायत सरकार भवन और अन्य पंचायत भवनों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में नगर पंचायत और नगर परिषद के तहत तीन-तीन वार्डों के क्लस्टर बनाकर अलग-अलग कंट्रोल रूम संचालित हो रहे हैं। जिले की चार गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों पर नकेल कसने के लिए सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में जिले की चार गैस एजेंसियों पर छापेमारी की गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जिसका दूरभाष नंबर 06453-222309 है। 17 मार्च से 3 मई 2026 तक इस कक्ष में कुल 514 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 492 का समाधान कर दिया गया है। शेष 22 लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित एजेंसियों के एरिया मैनेजर को निर्देश दिए गए हैं। गैस आपूर्ति को लेकर पूरी निगरानी रखी जा रही – प्रशासन तेल एवं प्राकृतिक गैस क्षेत्र में उत्पन्न समस्याओं को देखते हुए, जिला प्रशासन ने वैवाहिक कार्यक्रमों के लिए वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति भी सुनिश्चित की है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष से सीधे संपर्क करें और बिना आधार की अफवाहों पर ध्यान न दें। प्रशासन का कहना है कि गैस आपूर्ति को लेकर पूरी निगरानी रखी जा रही है और हर स्तर पर पारदर्शिता बरती जा रही है। इस प्रयास का लक्ष्य ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के निवासियों को राहत प्रदान करना है, ताकि कोई भी उपभोक्ता गैस सिलेंडर की कमी से परेशान न हो।


