पुणे में चार साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर दिया है। इस जघन्य अपराध को लेकर अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। वहीं, विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि विपक्ष को अपने कार्यकाल की घटनाओं पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ जैसे मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे लोग अगर सरकार को नसीहत दें तो यह हास्यास्पद है।
संजय राउत का सरकार पर सीधा आरोप
राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि राज्य में मासूम बच्ची के साथ बलात्कार होना, यह बताता है कि अपराधियों में कानून का कोई डर नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वीआईपी सुरक्षा में व्यस्त है और अन्य राज्यों के दौरों में समय बिता रही है, जबकि यहां की स्थिति बिगड़ती जा रही है।
राउत ने कहा कि क्या सरकार लाडकी बहिन योजना के 1500 रुपये देकर पीड़ित मां के दुख को खरीद सकती है? उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि असली दोषी सरकार है, जो अक्षम और नाकाम साबित हो रही है। सरकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। इस सरकार का ‘एनकाउंटर’ किया जाना चाहिए। यह सरकार निकम्मी है।
इसके साथ ही उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और कहा कि जब लोग बच्ची के शव के साथ सड़क पर न्याय की मांग कर रहे थे, तब उन पर लाठीचार्ज किया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
इस मामले पर एनसीपी शरद पवार गुट के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री जितेंद्र आव्हाड ने कहा, “पुलिस का डर निकल गया है। राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने से ये डर निकलता जाएगा। सरकार भ्रष्ट कामों में लगी हुई है।”
सीएम फडणवीस बोले- दोषी को फांसी दिलाना लक्ष्य
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि उन्होंने खुद पीड़ित के पिता से दो बार बातचीत की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य आरोपी को फांसी की सजा दिलाना है और इसके लिए हाईकोर्ट से लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट तक सारी प्रक्रिया तेज की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दोषी को फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए केस में किसी भी तरह की कानूनी खामी नहीं रहने दी जाएगी और पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड समय में पूरी करने का प्रयास होगा। साथ ही पीड़ित परिवार को लिखित आश्वासन दिया गया है कि मामले की सुनवाई तेजी से होगी।
फडणवीस ने कहा कि घटना को लेकर जनता का गुस्सा जायज है, लेकिन कुछ लोग इस माहौल का फायदा उठाकर इसे भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस आयुक्त से चर्चा के बाद पीड़ित पिता ने प्रदर्शन वापस लेने का फैसला किया, हालांकि कुछ लोग उन्हें रोकने की कोशिश कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और 65 वर्षीय आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जाएगी, साथ ही यह भी देखा जाएगा कि पहले किसी स्तर पर कोई चूक तो नहीं हुई।
पुणे रेप केस पर विपक्ष पर साधा निशाना
नागपुर में पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा, “विपक्ष का यही काम है, वो कभी अपने गिरेबान में नहीं झांकते। उनके कार्यकाल में क्या हुआ, वो यह नहीं देखते। अगर ‘कैश फॉर ट्रांसफर’ स्कैंडल में शामिल लोग हमें सिखाने की कोशिश करेंगे, यह तो फिर हंसने वाली बात होगी।”
मिली जानकारी के अनुसार, 65 वर्षीय आरोपी पेशे से मजदूर है और उसका आपराधिक इतिहास भी रहा है। यह घटना 1 मई को पुणे जिले के भोर क्षेत्र हुई। नाबालिग लड़की गर्मी की छुट्टियों में भोर में रहने वाली अपनी नानी से मिलने आई थी। शुक्रवार दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे एक 65 वर्षीय व्यक्ति ने उसे बछड़ा दिखाने का लालच देकर घर से अपने साथ ले गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म करने के बाद सबूत मिटाने के इरादे से पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी।
घटना के सामने आते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। लोग सड़कों पर उतर आये। इस बीच, पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंची। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें आरोपी बच्ची को अपने साथ ले जाता हुआ दिखाई दिया। इसी ठोस सबूत के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुणे सत्र न्यायालय ने आरोपी को 7 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।


