रोहतक में नेशनल स्कूली महिला क्रिकेट टूर्नामेंट:शिक्षा विभाग ने टीमों के ठहराव की बदली जगह, मैस को किया शिफ्ट

रोहतक में नेशनल स्कूली महिला क्रिकेट टूर्नामेंट:शिक्षा विभाग ने टीमों के ठहराव की बदली जगह, मैस को किया शिफ्ट

रोहतक में 69वीं नेशनल स्कूली महिला क्रिकेट चैंपियनशिप का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देशभर से आई 27 टीम भाग ले रही है। टूर्नामेंट खेलने आई टीमों ने व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए थे, जिसके बाद शिक्षा विभाग की तरफ से खिलाड़ियों के रूकने की जगह में कुछ बदलाव किए गए है। नेशनल स्कूली महिला क्रिकेट चैंपियनशिप की ओपनिंग सेरेमनी के दिन मध्य प्रदेश की टीम ने आरोप लगाया था कि उन्हें रात के समय ना पीने का पानी मिला, ना शौचालय व नहाने के लिए पानी मिला। एक कमरे में 16 खिलाड़ियों को रोका गया। गद्दों पर ना चद्दर थी और तकिए। मैस भी केवल एक जगह काफी दूर बनाई, जिससे खिलाड़ियों को परेशानी हुई। मध्य प्रदेश की टीम ने आरोप लगाया कि कमरे में एक कूलर था और रात के समय लाइट तक नहीं थी, जिसके कारण पूरी रात खिलाड़ी सो नहीं सके। खिलाड़ियों को हुई अव्यवस्था के बाद शिक्षा विभाग की तरफ से खिलाड़ियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने पर मंथन किया गया। कंट्रोल रूम व मैस हुई शिफ्ट
शिक्षा विभाग की तरफ से पहले मैस व कंट्रोल रूम को वैश्य संस्था में बनाया गया, लेकिन खिलाड़ियों को हुई परेशानी के बाद मैस व कंट्रोल रूम को अब सेक्टर-3 स्थित मार्केट के पास कम्यूनिटी सेंटर में शिफ्ट किया गया है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा मिल सके। इन स्कूलों से टीमों को दूसरी जगह किया शिफ्ट
शिक्षा विभाग की तरफ से तक्षशिला व मानव रचना स्कूल में ठहरने वाली टीमों को अब नए बस स्टैंड के पास MDN स्कूल में रोका गया है। वहीं, MS सरस्वती स्कूल में रहने वाली टीमों को चेतन्य स्कूल में शिफ्ट कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ियों को एसी रूम व अन्य सुविधाएं मिल सके। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास
जिला शिक्षा अधिकारी मंजीत मलिक का कहना है कि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने का प्रयास किया जा रहा है। जिन स्कूलों में खिलाड़ियों को परेशानी हो रही थी, उन खिलाड़ियों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। खिलाड़ियों के खाने व पीने का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। विभाग की टीम हर समय खिलाड़ियों के साथ मौजूद है।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *