भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिसमें गुरुवार शाम को बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है; वहीं गुरुग्राम और फरीदाबाद के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के बाहरी हिस्सों, जैसे कि उत्तर प्रदेश के मेरठ में, ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है। NCR के कई हिस्सों में आसमान का रंग धूसर हो गया है, जो संभावित तूफ़ान का संकेत है। IMD के अनुसार, ‘रेड अलर्ट’ वाले इलाकों में मध्यम से लेकर तेज़ तूफ़ान आ सकता है, जबकि ‘ऑरेंज अलर्ट’ वाले इलाकों में मध्यम तूफ़ान आने की संभावना है। ‘येलो अलर्ट’ वाले इलाकों में हल्की बारिश और तूफ़ान आने की उम्मीद है। गुरुवार सुबह राष्ट्रीय राजधानी के सफदरजंग इलाके में न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया; IMD ने दिन में बाद में कुछ जगहों पर बारिश के साथ तूफ़ान आने का अनुमान जताया है।
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दिल्ली के मौसम के लिए अप्रैल का महीना रहा बिल्कुल अलग
इस साल अप्रैल में दिल्ली वालों ने मौसम के अलग-अलग रंग देखे – कभी बारिश, कभी गर्मी, तो कभी साफ़ हवा वाले दिन। इस वजह से यह अप्रैल पिछले एक दशक में सबसे ज़्यादा बारिश वाला, सबसे कम प्रदूषण वाला और हाल के सालों में सबसे ठंडा महीना बन गया। शहर में 18 सालों में सबसे ज़्यादा बारिश वाला अप्रैल दर्ज किया गया; महीने के पहले पखवाड़े में राजधानी के कई हिस्सों में मॉनसून से पहले की ज़ोरदार बारिश हुई। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अब तक राजधानी में इस अप्रैल में 27.9 mm बारिश हुई है, जबकि अप्रैल 2008 में 38.6 mm बारिश दर्ज की गई थी। तेज़ गर्मी के दौर से गुज़रने के बावजूद, शहर ने पिछले दो सालों में सबसे ठंडे अप्रैल महीनों में से एक का भी अनुभव किया, जिसमें औसत अधिकतम तापमान लगभग 37 डिग्री सेल्सियस रहा। खास बात यह है कि IMD के अनुसार, अब तक केवल एक दिन ही ‘हीटवेव’ (लू) वाला दर्ज किया गया है। बारिश और तेज़ हवाओं ने प्रदूषण के स्तर को कम करने में भी मदद की, जिससे ‘सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर’ के एक विश्लेषण के अनुसार, यह अप्रैल पिछले चार सालों में सबसे साफ़ महीना बन गया।


