डूंगरपुर में मनरेगा, बिजली और पेयजल सहित अन्य समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। कांग्रेस के जिला अध्यक्ष और विधायक गणेश घोगरा के नेतृत्व में यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट पर धरने के साथ संपन्न हुआ। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक रैली निकाली। प्रदर्शन के दौरान केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आरोप लगाए गए और जिला कलेक्टर को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस अवसर पर पूर्व सांसद ताराचंद भगोरा और पूर्व मंत्री डॉ शंकर यादव सहित कई कांग्रेसी नेता मौजूद थे। विधायक गणेश घोगरा ने राज्य की भजनलाल सरकार और केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने मनरेगा योजना में व्याप्त अव्यवस्थाओं, श्रमिकों को रोजगार नहीं मिलने और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। घोगरा ने कहा कि डूंगरपुर जैसे जिले में, जहां लाखों लोगों को मनरेगा के माध्यम से रोजगार मिलना चाहिए था, वहां आज संख्या कुछ ही हजारों में सिमट कर रह गई है। उन्होंने बिछीवाड़ा का उदाहरण देते हुए बताया कि 42 पंचायतों में से केवल 1500 श्रमिकों का एमआर जारी हुआ है। घोगरा ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर मनरेगा को खत्म करना चाहती है, जिससे गरीब तबके का जीवन यापन मुश्किल हो गया है। विधायक ने मनरेगा में ‘फेस आईडी’ अटेंडेंस सिस्टम की आलोचना करते हुए कहा कि खराब नेटवर्क और तकनीकी दिक्कतों के कारण श्रमिकों को दोपहर 12 बजे तक इंतजार करना पड़ता है और कई बार उनकी हाजिरी भी नहीं लग पाती। उन्होंने मांग की कि श्रमिकों और मेटों का भुगतान 15 दिनों के भीतर किया जाए और दैनिक मजदूरी बढ़ाकर 400 रुपए की जाए। विधायक घोगरा ने हाल ही में टाडी ओबरी सरपंच की गिरफ्तारी को लेकर भी अपनी बात रखी। आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन आरएसएस और भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक जनप्रतिनिधि को बिना अनुमति सरकारी स्कूल में राजनीतिक कार्यक्रम करने का विरोध करने पर गिरफ्तार करना लोकतंत्र की हत्या है। विधायक गणेश घोगरा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा, “हम अंग्रेजों से नहीं डरे, तो इन खाकी वर्दी वालों और भाजपा सरकार से भी नहीं डरेंगे।” उन्होंने घोषणा की कि यदि श्रमिकों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ और सरपंच को न्याय नहीं मिला, तो वे पूरे जिले में उग्र ‘जेल भरो आंदोलन’ करेंगे। इधर प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम मनरेगा सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग रखी है।


