भागलपुर में एग्जिक्यूटिव अफसर की हत्या और चेयरमैन पर फायरिंग के आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने 12 घंटे के अंदर एनकाउंटर में ढेर कर दिया। सुल्तानगंज इलाके में रामधनी का आतंक इतना था कि उसके खिलाफ कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। साल 2000 में एक कारोबारी की हत्या करने के बाद उसका सिर काटकर थाने पहुंच गया था। पत्नी नीलम देवी फिलहाल सुल्तानगंज नगर परिषद की डिप्टी चेयरमैन है। एनकाउंटर के बाद इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक रामधनी पहले भी नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू के घर पर जाकर गाली-गलौज करता था। गिरफ्तारी के बाद और एनकाउंटर से पहले रामधनी ने पुलिस को बताया था कि गुड्डू ने लाइसेंसी रिवॉल्वर लिया था। कमर में लटका कर चलता था। मैं इस बात से काफी चिढ़ता था। जब से गुड्डू रिवॉल्वर लिया था। उसी समय से उसकी हत्या करने की सोच रखा था। हालांकि उसने खुद को बचाने का भी प्रयास किया। बोला कि मैं मौके पर गया था, लेकिन गोली दीपक और पीकू ने चलाया था। वहीं, इस बात की चर्चा है कि हत्या से पहले रामधनी अपने दोनों सहयोगियों के साथ खगड़िया के दियारा इलाके से हथियार लेकर लौटा था। बुलेट पर तीनों आरोपी का एक सीसीटीवी सामने आया था। एनकाउंटर के बाद की 2 तस्वीरें… चार टीम कर रही थी छापेमारी वारदात के बाद मंगलवार शाम से पुलिस की चार टीम छापेमारी कर रही थी। अलग-अलग टीम सुल्तानगंज, बांका, खगड़िया और तीनटंगा में छापेमारी कर रही थी। यह सभी ठिकाने रामधनी के रिश्तेदार का इलाका था। लेकिन जानकारी के अनुसार सुल्तानगंज थाना की टीम ने रामधनी का एनकाउंटर किया। टीम में 12 से 14 पुलिस अधिकारी और पदाधिकारी के शामिल होने की बात कही जा रही है। इस टीम में डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नवनीत कुमार के साथ सुल्तानगंज थानेदार और अन्य सदस्य शामिल थे। घटना के बाद से आईजी विवेक कुमार के साथ एसएसपी लगातार सुल्तानगंज में कैंप कर रहे थे। रात करीब एक बजे तक आईजी सुल्तानगंज में थे। जानकारी के अनुसार मुख्यालय से डीजीपी के साथ अन्य वरीय अधिकारी के साथ राजनीतिक दल के आला नेता भी मामले पर नजर बनाए हुए थे। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… वारदात के बाद तारापुर गया था पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बात की आशंका है कि रामधनी के पीछे भी कोई था। जिसके कहने पर रामधनी ने खुद अपने करीबी के साथ दिनदहाड़े नगर परिषद कार्यालय में घुस गया। सीसीटीवी कैमरे लगे होने की जानकारी के बाद भी हत्या करने का दुस्साहस किया। खगड़िया और मुंगेर के कुछ जनप्रतिनिधि की भूमिका भी संदिग्ध है। कॉल डिटेल और टेक्निकल जांच के जरिए पुलिस तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। ऐसी भी जानकारी है कि घटना के अंजाम देने के बाद रामधनी पहले तारापुर गया था। पुलिस और परिजनों के दबाब में वहां से लौट कर सरेंडर करने पहुंचा था। सिर काटकर थाने पहुंच गया था रामधनी रामधनी यादव शुरुआत में घर-घर जाकर दूध बेचता था। साल 2000 में रामधनी यादव ने एक कारोबारी की हत्या की थी। सिर काटने के बाद आरोपी रामधनी खुद थाने पहुंच गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद रामधनी सुल्तानगंज में अपराध की दुनिया में पकड़ बनाने लगा। 2002-03 तक आते-आते रामधनी पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी के कई मामले दर्ज हो गए। 2003 में ही पुलिस रामधनी को फिर से गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। लेकिन राजनीतिक पकड़ और धनबल में लगातार मजबूत होता गया रामधनी ने अपने रसूख के बल पर फिर से जमानत ले ली। जब रामधनी शुरुआत में अपराध की दुनिया में घुस रहा था, उस वक्त उसकी पत्नी सुल्तानगंज के ही एक प्राइमरी स्कूल में खाना बनाती थी। उस वक्त रामधनी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।परिवार का भरण-पोषण प त्नी नीलम देवी की आय पर ही टिका था। पूरा परिवार छोटी सी झोपड़ी में रहता था। 2011-2012 तक रामधनी पॉलिटिकल पकड़ के जरिए अपना राजनीतिक वर्चस्व मजबूत कर चुका था। जमीनों पर कब्जा, बस स्टैंड, पार्किंग, शहर की साफ-सफाई जैसे ठेके वो खुद लेने लगा था। नगर परिषद से ठेकेदारी की प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण उसने स्थानीय नेताओं से साठगांठ कर अपनी पत्नी को 2017 में सुलतानगंज नगर परिषद के वार्ड 11 से पार्षद का चुनाव लड़वाया। नीलम देवी ने चुनाव जीत लिया और पहली बार वार्ड पार्षद बन गई। आज की तारीख में रामधनी यादव 5 करोड़ से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति का मालिक था। एक बेटा चिराग की पार्टी से जुड़ा है रामधनी यादव और नीलम यादव चार बेटों के माता-पिता हैं। रामधनी यादव और नीलम देवी का सबसे बड़ा बेटा सन्नी यादव एमएलसी प्रतिनिधि है, जबकि दूसरे नंबर का बेटा मनीष कुमार यादव लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का भागलपुर युवा जिला अध्यक्ष है। वहीं, दो छोटे बेटे अमित और अंकित यादव फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं। भागलपुर में एग्जिक्यूटिव अफसर की हत्या और चेयरमैन पर फायरिंग के आरोपी रामधनी यादव को पुलिस ने 12 घंटे के अंदर एनकाउंटर में ढेर कर दिया। सुल्तानगंज इलाके में रामधनी का आतंक इतना था कि उसके खिलाफ कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था। साल 2000 में एक कारोबारी की हत्या करने के बाद उसका सिर काटकर थाने पहुंच गया था। पत्नी नीलम देवी फिलहाल सुल्तानगंज नगर परिषद की डिप्टी चेयरमैन है। एनकाउंटर के बाद इस मामले में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक रामधनी पहले भी नगर परिषद के चेयरमैन राज कुमार गुड्डू के घर पर जाकर गाली-गलौज करता था। गिरफ्तारी के बाद और एनकाउंटर से पहले रामधनी ने पुलिस को बताया था कि गुड्डू ने लाइसेंसी रिवॉल्वर लिया था। कमर में लटका कर चलता था। मैं इस बात से काफी चिढ़ता था। जब से गुड्डू रिवॉल्वर लिया था। उसी समय से उसकी हत्या करने की सोच रखा था। हालांकि उसने खुद को बचाने का भी प्रयास किया। बोला कि मैं मौके पर गया था, लेकिन गोली दीपक और पीकू ने चलाया था। वहीं, इस बात की चर्चा है कि हत्या से पहले रामधनी अपने दोनों सहयोगियों के साथ खगड़िया के दियारा इलाके से हथियार लेकर लौटा था। बुलेट पर तीनों आरोपी का एक सीसीटीवी सामने आया था। एनकाउंटर के बाद की 2 तस्वीरें… चार टीम कर रही थी छापेमारी वारदात के बाद मंगलवार शाम से पुलिस की चार टीम छापेमारी कर रही थी। अलग-अलग टीम सुल्तानगंज, बांका, खगड़िया और तीनटंगा में छापेमारी कर रही थी। यह सभी ठिकाने रामधनी के रिश्तेदार का इलाका था। लेकिन जानकारी के अनुसार सुल्तानगंज थाना की टीम ने रामधनी का एनकाउंटर किया। टीम में 12 से 14 पुलिस अधिकारी और पदाधिकारी के शामिल होने की बात कही जा रही है। इस टीम में डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नवनीत कुमार के साथ सुल्तानगंज थानेदार और अन्य सदस्य शामिल थे। घटना के बाद से आईजी विवेक कुमार के साथ एसएसपी लगातार सुल्तानगंज में कैंप कर रहे थे। रात करीब एक बजे तक आईजी सुल्तानगंज में थे। जानकारी के अनुसार मुख्यालय से डीजीपी के साथ अन्य वरीय अधिकारी के साथ राजनीतिक दल के आला नेता भी मामले पर नजर बनाए हुए थे। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… वारदात के बाद तारापुर गया था पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार इस बात की आशंका है कि रामधनी के पीछे भी कोई था। जिसके कहने पर रामधनी ने खुद अपने करीबी के साथ दिनदहाड़े नगर परिषद कार्यालय में घुस गया। सीसीटीवी कैमरे लगे होने की जानकारी के बाद भी हत्या करने का दुस्साहस किया। खगड़िया और मुंगेर के कुछ जनप्रतिनिधि की भूमिका भी संदिग्ध है। कॉल डिटेल और टेक्निकल जांच के जरिए पुलिस तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। ऐसी भी जानकारी है कि घटना के अंजाम देने के बाद रामधनी पहले तारापुर गया था। पुलिस और परिजनों के दबाब में वहां से लौट कर सरेंडर करने पहुंचा था। सिर काटकर थाने पहुंच गया था रामधनी रामधनी यादव शुरुआत में घर-घर जाकर दूध बेचता था। साल 2000 में रामधनी यादव ने एक कारोबारी की हत्या की थी। सिर काटने के बाद आरोपी रामधनी खुद थाने पहुंच गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जमानत पर छूटने के बाद रामधनी सुल्तानगंज में अपराध की दुनिया में पकड़ बनाने लगा। 2002-03 तक आते-आते रामधनी पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी के कई मामले दर्ज हो गए। 2003 में ही पुलिस रामधनी को फिर से गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया। लेकिन राजनीतिक पकड़ और धनबल में लगातार मजबूत होता गया रामधनी ने अपने रसूख के बल पर फिर से जमानत ले ली। जब रामधनी शुरुआत में अपराध की दुनिया में घुस रहा था, उस वक्त उसकी पत्नी सुल्तानगंज के ही एक प्राइमरी स्कूल में खाना बनाती थी। उस वक्त रामधनी की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी।परिवार का भरण-पोषण प त्नी नीलम देवी की आय पर ही टिका था। पूरा परिवार छोटी सी झोपड़ी में रहता था। 2011-2012 तक रामधनी पॉलिटिकल पकड़ के जरिए अपना राजनीतिक वर्चस्व मजबूत कर चुका था। जमीनों पर कब्जा, बस स्टैंड, पार्किंग, शहर की साफ-सफाई जैसे ठेके वो खुद लेने लगा था। नगर परिषद से ठेकेदारी की प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण उसने स्थानीय नेताओं से साठगांठ कर अपनी पत्नी को 2017 में सुलतानगंज नगर परिषद के वार्ड 11 से पार्षद का चुनाव लड़वाया। नीलम देवी ने चुनाव जीत लिया और पहली बार वार्ड पार्षद बन गई। आज की तारीख में रामधनी यादव 5 करोड़ से ज्यादा की चल और अचल संपत्ति का मालिक था। एक बेटा चिराग की पार्टी से जुड़ा है रामधनी यादव और नीलम यादव चार बेटों के माता-पिता हैं। रामधनी यादव और नीलम देवी का सबसे बड़ा बेटा सन्नी यादव एमएलसी प्रतिनिधि है, जबकि दूसरे नंबर का बेटा मनीष कुमार यादव लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) का भागलपुर युवा जिला अध्यक्ष है। वहीं, दो छोटे बेटे अमित और अंकित यादव फिलहाल पढ़ाई कर रहे हैं।


