समय: शाम 4:08 बजे
जगह: सुल्तानगंज नगर परिषद ऑफिस नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में तालाब और नगर परिषद एरिया में लगने वाले होर्ल्डिंग को लेकर बोली लग रही थी। इसको लेकर चेयरमैन के दफ्तर में 12 से 15 लोग थे। इसी दौरान सफेद शर्ट, खाकी रंग के हाफ पैंट में हरे रंग का झोला लिए एक शख्स अपने दो साथियों के साथ घुसता है। राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में घुसते ही हाफ पैंट पहना शख्स अपने झोला से कट्टा निकालता है। राजकुमार गुड्डू को धमकाते हुए कहता है कि सुल्तानगंज में सिर्फ तुम ही राज करोगे क्या। फिर कुछ कहता है और फायरिंग शुरू कर देता है। शख्स ने राजकुमार गुड्डू को दो गोली मारी, इसी दौरान बीचबचाव करने पहुंचे एग्जीक्यूटिव अफसर कृष्णा भूषण कुमार पर भी फायरिंग कर दी। कृष्ण कुमार भूषण को चार गोलियां लगी। घटना के बाद आनन-फानन में राजकुमार गुड्डू और कृष्णा कुमार भूषण को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कृष्णा कुमार की मौत हो गई, जबकि राजकुमार गुड्डू को बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता में एडमिट कराया गया। वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी फरार हो गए। अफसर की हत्या करने वाला और राजकुमार गुड्डू पर गोली चलाने वाले कौन हैं, अफसर की हत्या, नगर परिषद के चेयरमैन पर फायरिंग क्यों की गई, टेंडर की क्या प्रक्रिया चल रही थी, पूरा विवाद क्या है? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। फायरिंग करने वाला शख्स नगर परिषद के चेयरमैन का परिचित था! फायरिंग करने वाला शख्स नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू और कृष्णा कुमार भूषण का परिचित था। इसकी वजह है कि एग्जीक्यूटिव अफसर कृष्णा भूषण कुमार बीचबचाव में आए थे। फिलहाल, वारदात को अंजाम देकर भागने वाले आरोपियों की पुलिस तलाश में जुटी है। फायरिंग करने वाले अपराधी कौन थे, इस बारे में पुलिस कुछ नहीं बता रही है। नगर परिषद के दफ्तर में फायरिंग करने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। भास्कर ने इस फुटेज को लेकर ऑफिस में मौजूद कर्मचारियों से बात की। हमारे पास पूरी बातचीत का ऑडियो है। गोली किसने चलाई, ये लगभग स्पष्ट हो गया है। आरोपियों की पहचान भी कर ली गई है, लेकिन पुलिस या स्थानीय कुछ भी नहीं बता रहे हैं। जानिए, भास्कर के पास मौजूद ऑडियो में क्या कहा गया है? वारदात के बाद मौके पर पहुंचे दैनिक भास्कर रिपोर्ट ने सीसीटीवी दिखाकर आसपास के लोगों से बातचीत की। बातचीत में स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर बताया कि वीडियो में सबसे पहले राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में पहुंचने वाला आरोपी नगर परिषद से जुड़े बड़े नेता के रिलेशन में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि फायरिंग करने वाला शख्स अपने बेटे के साथ पहुंचा था। हालांकि, बेटे के बारे में स्थानीय लोग बहुत ज्यादा कन्फर्म नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनका दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में पिता-पुत्र ही अपने गुर्गों के साथ पहुंचे हैं। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… अब वारदात के बाद 2 तस्वीर देखिए… अब जानिए पूरा विवाद क्या है और ये कब से चला आ रहा है? स्थानीय लोगों से कृष्णा भूषण कुमार की हत्या और नगर परिषद के चेयरमैन पर फायरिंग के कारणों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि पुरानी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया है। फायरिंग करने वाला नगर परिषद का बड़ा नेता है और उस अजगैबीनाथ ट्रस्ट की करीब 100 करोड़ रुपए की 50 एकड़ जमीन पर कब्जा करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्जा का विरोध नगर परिषद के सभापति कर रहे थे। इसको लेकर राजकुमार गुड्डू और आरोपी के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर परिषद से सभापति और आरोपी के जुड़े होने की वजह से दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई भी थी। अफसर की हत्या, नगर परिषद के चेयरमैन पर फायरिंग क्यों की गई? अफसर की हत्या और नगर परिषद के चेयरमैन पर फायरिंग करने वाले आरोपियों की तलाश में पुलिस ने घटनास्थल से 10 किलोमीटर के रेडियस में करीब 300 सीसीटीवी खंगाला है। हत्याकांड की जांच से जुड़े एक पुलिस अफसर ने बताया कि वारदात को किसने अंजाम दिया, ये सभी को पता है, लेकिन फिलहाल जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते, हम कुछ भी स्पष्ट नहीं बता सकते हैं। वहीं, स्थानीय लोगों से जब भास्कर रिपोर्टर की बातचीत हो रही थी, उसमें सामने आया कि आरोपी चाहता था कि नगर परिषद में जो भी टेंडर हो, वो उसके जरिए हो, उसके चहेते ठेकेदारों को ही टेंडर मिले। इस प्वाइंट पर नगर परिषद के सभापति और आरोपी के बीच लंबे समय से तकरार चल रही थी। सुल्तानगंज में वर्चस्व की लड़ाई और टेंडर विवाद के कारण हुईं ये घटनाएं 1- साल 2017-18 में तत्कालीन पार्षद रामायण शरण के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। 2- मई-जून 2019 में मुख्य पार्षद पद के लिए चुनाव में समर्थन मांगने तत्कालीन एक महिला पार्षद के घर पर अपने समर्थक पार्षद व अन्य लोगों के साथ पहुंची पूर्व मुख्य पार्षद और साथ गए उनके सहयोगियों पर गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया गया था। वारदात में एक शिक्षक को गोली लगी थी, जबकि साथ गए एक ठेकेदार को भी बट से पीटकर घायल कर दिया गया था। 2- नगर परिषद की उपमुख्य पार्षद नीलम देवी के पति रामधनी यादव पर 23 फरवरी 2023 को अपराधियों ने बाईपास के पास उनके आवास के सामने सरेराह गोली मार दी थी। इस घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 3- साल 2023-24 में पूर्व मुख्य पार्षद दयावती देवी के पति कुख्यात रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा को उसके आवास के अंदर घुसकर अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। 4- ठेकेदार और रंजिश (अक्टूबर 2023): सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में ही आपसी विवाद को लेकर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसका मुख्य कारण क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों के बीच आपसी खींचतान बताया गया था। समय: शाम 4:08 बजे
जगह: सुल्तानगंज नगर परिषद ऑफिस नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में तालाब और नगर परिषद एरिया में लगने वाले होर्ल्डिंग को लेकर बोली लग रही थी। इसको लेकर चेयरमैन के दफ्तर में 12 से 15 लोग थे। इसी दौरान सफेद शर्ट, खाकी रंग के हाफ पैंट में हरे रंग का झोला लिए एक शख्स अपने दो साथियों के साथ घुसता है। राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में घुसते ही हाफ पैंट पहना शख्स अपने झोला से कट्टा निकालता है। राजकुमार गुड्डू को धमकाते हुए कहता है कि सुल्तानगंज में सिर्फ तुम ही राज करोगे क्या। फिर कुछ कहता है और फायरिंग शुरू कर देता है। शख्स ने राजकुमार गुड्डू को दो गोली मारी, इसी दौरान बीचबचाव करने पहुंचे एग्जीक्यूटिव अफसर कृष्णा भूषण कुमार पर भी फायरिंग कर दी। कृष्ण कुमार भूषण को चार गोलियां लगी। घटना के बाद आनन-फानन में राजकुमार गुड्डू और कृष्णा कुमार भूषण को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कृष्णा कुमार की मौत हो गई, जबकि राजकुमार गुड्डू को बेहतर इलाज के लिए पटना के मेदांता में एडमिट कराया गया। वहीं, वारदात को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी फरार हो गए। अफसर की हत्या करने वाला और राजकुमार गुड्डू पर गोली चलाने वाले कौन हैं, अफसर की हत्या, नगर परिषद के चेयरमैन पर फायरिंग क्यों की गई, टेंडर की क्या प्रक्रिया चल रही थी, पूरा विवाद क्या है? पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट। फायरिंग करने वाला शख्स नगर परिषद के चेयरमैन का परिचित था! फायरिंग करने वाला शख्स नगर परिषद के चेयरमैन राजकुमार गुड्डू और कृष्णा कुमार भूषण का परिचित था। इसकी वजह है कि एग्जीक्यूटिव अफसर कृष्णा भूषण कुमार बीचबचाव में आए थे। फिलहाल, वारदात को अंजाम देकर भागने वाले आरोपियों की पुलिस तलाश में जुटी है। फायरिंग करने वाले अपराधी कौन थे, इस बारे में पुलिस कुछ नहीं बता रही है। नगर परिषद के दफ्तर में फायरिंग करने का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया। भास्कर ने इस फुटेज को लेकर ऑफिस में मौजूद कर्मचारियों से बात की। हमारे पास पूरी बातचीत का ऑडियो है। गोली किसने चलाई, ये लगभग स्पष्ट हो गया है। आरोपियों की पहचान भी कर ली गई है, लेकिन पुलिस या स्थानीय कुछ भी नहीं बता रहे हैं। जानिए, भास्कर के पास मौजूद ऑडियो में क्या कहा गया है? वारदात के बाद मौके पर पहुंचे दैनिक भास्कर रिपोर्ट ने सीसीटीवी दिखाकर आसपास के लोगों से बातचीत की। बातचीत में स्थानीय लोगों ने नाम न छापने की रिक्वेस्ट पर बताया कि वीडियो में सबसे पहले राजकुमार गुड्डू के दफ्तर में पहुंचने वाला आरोपी नगर परिषद से जुड़े बड़े नेता के रिलेशन में है। स्थानीय लोगों ने बताया कि फायरिंग करने वाला शख्स अपने बेटे के साथ पहुंचा था। हालांकि, बेटे के बारे में स्थानीय लोग बहुत ज्यादा कन्फर्म नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनका दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में पिता-पुत्र ही अपने गुर्गों के साथ पहुंचे हैं। चैंबर के CCTV की 2 तस्वीरें देखिए… अब वारदात के बाद 2 तस्वीर देखिए… अब जानिए पूरा विवाद क्या है और ये कब से चला आ रहा है? स्थानीय लोगों से कृष्णा भूषण कुमार की हत्या और नगर परिषद के चेयरमैन पर फायरिंग के कारणों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि पुरानी रंजिश में घटना को अंजाम दिया गया है। फायरिंग करने वाला नगर परिषद का बड़ा नेता है और उस अजगैबीनाथ ट्रस्ट की करीब 100 करोड़ रुपए की 50 एकड़ जमीन पर कब्जा करने का आरोप है। उन्होंने बताया कि ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्जा का विरोध नगर परिषद के सभापति कर रहे थे। इसको लेकर राजकुमार गुड्डू और आरोपी के बीच लंबे समय से रंजिश चल रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर परिषद से सभापति और आरोपी के जुड़े होने की वजह से दोनों के बीच वर्चस्व की लड़ाई भी थी। अफसर की हत्या, नगर परिषद के चेयरमैन पर फायरिंग क्यों की गई? अफसर की हत्या और नगर परिषद के चेयरमैन पर फायरिंग करने वाले आरोपियों की तलाश में पुलिस ने घटनास्थल से 10 किलोमीटर के रेडियस में करीब 300 सीसीटीवी खंगाला है। हत्याकांड की जांच से जुड़े एक पुलिस अफसर ने बताया कि वारदात को किसने अंजाम दिया, ये सभी को पता है, लेकिन फिलहाल जब तक आरोपी पकड़े नहीं जाते, हम कुछ भी स्पष्ट नहीं बता सकते हैं। वहीं, स्थानीय लोगों से जब भास्कर रिपोर्टर की बातचीत हो रही थी, उसमें सामने आया कि आरोपी चाहता था कि नगर परिषद में जो भी टेंडर हो, वो उसके जरिए हो, उसके चहेते ठेकेदारों को ही टेंडर मिले। इस प्वाइंट पर नगर परिषद के सभापति और आरोपी के बीच लंबे समय से तकरार चल रही थी। सुल्तानगंज में वर्चस्व की लड़ाई और टेंडर विवाद के कारण हुईं ये घटनाएं 1- साल 2017-18 में तत्कालीन पार्षद रामायण शरण के साथ मारपीट कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। 2- मई-जून 2019 में मुख्य पार्षद पद के लिए चुनाव में समर्थन मांगने तत्कालीन एक महिला पार्षद के घर पर अपने समर्थक पार्षद व अन्य लोगों के साथ पहुंची पूर्व मुख्य पार्षद और साथ गए उनके सहयोगियों पर गोलीबारी की घटना को अंजाम दिया गया था। वारदात में एक शिक्षक को गोली लगी थी, जबकि साथ गए एक ठेकेदार को भी बट से पीटकर घायल कर दिया गया था। 2- नगर परिषद की उपमुख्य पार्षद नीलम देवी के पति रामधनी यादव पर 23 फरवरी 2023 को अपराधियों ने बाईपास के पास उनके आवास के सामने सरेराह गोली मार दी थी। इस घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 3- साल 2023-24 में पूर्व मुख्य पार्षद दयावती देवी के पति कुख्यात रंजीत यादव उर्फ कनबुच्चा को उसके आवास के अंदर घुसकर अपराधियों ने गोली मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। 4- ठेकेदार और रंजिश (अक्टूबर 2023): सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में ही आपसी विवाद को लेकर एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसका मुख्य कारण क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों के बीच आपसी खींचतान बताया गया था।


