भोजपुर जिले की बिहिया नगर पंचायत के चेयरमैन सह मुख्य पार्षद सचिन कुमार गुप्ता को पदमुक्त कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यह बड़ी कार्रवाई की। आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(i) एवं 18(2) के तहत उन्हें पद धारण करने के अयोग्य घोषित किया है। इस आदेश के साथ ही मुख्य पार्षद का पद तत्काल प्रभाव से रिक्त हो गया। बैठकों का नियमित आयोजन न करना बना अयोग्यता का आधार राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश में कहा गया है कि मुख्य पार्षद सचिन कुमार गुप्ता ने सामान्य बोर्ड और सशक्त स्थायी समिति की बैठकों का नियमित आयोजन नहीं किया। आयोग के अनुसार, नगर निकाय के सुचारु संचालन, योजनाओं की स्वीकृति, विकास कार्यों की समीक्षा और प्रशासनिक निर्णयों के लिए इन बैठकों का समय पर होना अनिवार्य है। आयोग ने इसे मुख्य पार्षद के वैधानिक दायित्वों की जानबूझकर उपेक्षा माना है। आदेश में यह भी कहा गया है कि उन्हें मिली शक्तियों का समुचित उपयोग नहीं किया गया, जिससे नगर पंचायत के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। आयोग ने इसे कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही की श्रेणी में रखा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर आयोग ने की कार्रवाई मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया था। आयोग ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि बैठकों का आयोजन न करने के संबंध में कोई संतोषजनक कारण प्रस्तुत नहीं किया गया। उपलब्ध अभिलेखों, प्रतिवेदनों, सुनवाई और प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर आयोग ने यह निर्णय लिया। आयोग ने नगर विकास एवं आवास विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आदेश की प्रति भेजते हुए नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अब बिहिया नगर पंचायत में नए मुख्य पार्षद के चयन अथवा वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इस कार्रवाई के बाद बिहिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इसे एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। नगर पंचायत क्षेत्र में दिनभर इस फैसले को लेकर चर्चा होती रही। पदमुक्त होने के बाद सचिन गुप्ता की प्रतिक्रिया, पहले भी जताई थी इस्तीफे की मंशा पदमुक्त किए जाने के बाद सचिन कुमार गुप्ता ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पद पर नहीं रहते हुए भी वे गरीब जनता की सेवा निरंतर करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष रहते हुए हम हथकड़ी हाथ में नहीं पहन सकते हैं। गत 7 अप्रैल को नगर पंचायत बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन कोरम के अभाव में बैठक स्थगित हो गई थी। उस दिन मुख्य पार्षद सचिन कुमार गुप्ता और वार्ड पार्षद गायत्री देवी ही उपस्थित थीं। बैठक स्थगित होने के बाद मुख्य पार्षद ने अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने इस संबंध में प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग को पत्र लिखकर अपनी मंशा भी व्यक्त की थी। भोजपुर जिले की बिहिया नगर पंचायत के चेयरमैन सह मुख्य पार्षद सचिन कुमार गुप्ता को पदमुक्त कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को यह बड़ी कार्रवाई की। आयोग ने बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा 18(1)(i) एवं 18(2) के तहत उन्हें पद धारण करने के अयोग्य घोषित किया है। इस आदेश के साथ ही मुख्य पार्षद का पद तत्काल प्रभाव से रिक्त हो गया। बैठकों का नियमित आयोजन न करना बना अयोग्यता का आधार राज्य निर्वाचन आयोग के आदेश में कहा गया है कि मुख्य पार्षद सचिन कुमार गुप्ता ने सामान्य बोर्ड और सशक्त स्थायी समिति की बैठकों का नियमित आयोजन नहीं किया। आयोग के अनुसार, नगर निकाय के सुचारु संचालन, योजनाओं की स्वीकृति, विकास कार्यों की समीक्षा और प्रशासनिक निर्णयों के लिए इन बैठकों का समय पर होना अनिवार्य है। आयोग ने इसे मुख्य पार्षद के वैधानिक दायित्वों की जानबूझकर उपेक्षा माना है। आदेश में यह भी कहा गया है कि उन्हें मिली शक्तियों का समुचित उपयोग नहीं किया गया, जिससे नगर पंचायत के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। आयोग ने इसे कर्तव्य निर्वहन में गंभीर लापरवाही की श्रेणी में रखा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर आयोग ने की कार्रवाई मामले की सुनवाई के दौरान संबंधित पक्षों से जवाब मांगा गया था। आयोग ने अपने आदेश में उल्लेख किया है कि बैठकों का आयोजन न करने के संबंध में कोई संतोषजनक कारण प्रस्तुत नहीं किया गया। उपलब्ध अभिलेखों, प्रतिवेदनों, सुनवाई और प्रस्तुत तथ्यों के आधार पर आयोग ने यह निर्णय लिया। आयोग ने नगर विकास एवं आवास विभाग, जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को आदेश की प्रति भेजते हुए नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अब बिहिया नगर पंचायत में नए मुख्य पार्षद के चयन अथवा वैकल्पिक प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। इस कार्रवाई के बाद बिहिया की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इसे एक बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। नगर पंचायत क्षेत्र में दिनभर इस फैसले को लेकर चर्चा होती रही। पदमुक्त होने के बाद सचिन गुप्ता की प्रतिक्रिया, पहले भी जताई थी इस्तीफे की मंशा पदमुक्त किए जाने के बाद सचिन कुमार गुप्ता ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पद पर नहीं रहते हुए भी वे गरीब जनता की सेवा निरंतर करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष रहते हुए हम हथकड़ी हाथ में नहीं पहन सकते हैं। गत 7 अप्रैल को नगर पंचायत बोर्ड की बैठक बुलाई गई थी, लेकिन कोरम के अभाव में बैठक स्थगित हो गई थी। उस दिन मुख्य पार्षद सचिन कुमार गुप्ता और वार्ड पार्षद गायत्री देवी ही उपस्थित थीं। बैठक स्थगित होने के बाद मुख्य पार्षद ने अपने पद से इस्तीफा देने की इच्छा जाहिर की थी। उन्होंने इस संबंध में प्रधान सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग को पत्र लिखकर अपनी मंशा भी व्यक्त की थी।


