औरंगाबाद कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में आज जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। आपूर्ति विभाग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की। बैठक में एसआईओ डिस्पैच, संदिग्ध राशन कार्डों का सत्यापन, एसआईआर डेटा वेरिफिकेशन, लंबित राशन कार्ड आवेदन, ई केवाईसी प्रगति और जन वितरण प्रणाली दुकानों के निरीक्षण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। डीएम ने बताया कि समीक्षा के दौरान सभी अधिकारियों व कर्मियों को पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। ताकि आम जनता को सरकारी आपूर्ति सेवाओं का फायदा सुगमता से मिल सके। बैठक के दौरान अप्रैल महीने में विभिन्न अधिकारियों के किए गए पीडीएस दुकानों के निरीक्षण और कार्रवाई की समीक्षा की गई। इस दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया गया कि अप्रैल महीने में कुल 1,287 दुकानों में से 318 का निरीक्षण किया गया, जिसमें 6 अनियमितताएं सामने आईं। एसआईओ डिस्पैच की समीक्षा के दौरान जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम की ओर से जानकारी दी गई कि अप्रैल में 99.70 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो चुकी है। इस पर डीएम ने संतोष जताते हुए निर्देश दिया कि मई के महीने में 100 प्रतिशत एसआईओ सुनिश्चित किया जाए, ताकि खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए। राशन कार्ड के सत्यापन मामले में स्पष्टीकरण संदिग्ध राशन कार्डों के सत्यापन की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि जिले में कुल 1,13,345 मामलों में से 1,07,819 मामलों का निष्पादन कर लिया गया है, जो 95.12 प्रतिशत प्रगति को दर्शाता है। अनुमंडल में यह प्रगति 99 प्रतिशत से अधिक रही, जबकि दाउदनगर अनुमंडल के कुछ प्रखंडों में लंबित मामलों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। एसआईआर डेटा सत्यापन की समीक्षा में पाया गया कि कुल 14,271 मामलों में से 12,485 मामलों को चिह्नित किया गया है, जिससे 87.49 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। डीएम ने निर्देश दिया कि शेष मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। जिले में 83.96 प्रतिशत राशन कार्ड का हो चुका है सत्यापन राशन कार्ड आवेदन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। केए श्रेणी में कुल 1,62,351 आवेदनों में से लगभग 1.56 प्रतिशत आवेदन लंबित हैं, जबकि केएचए श्रेणी में 1,11,136 आवेदनों में से 1.80 प्रतिशत आवेदन लंबित पाए गए। जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को समय-सीमा के भीतर लंबित आवेदनों के निष्पादन का सख्त निर्देश दिया। ई केवाईसी प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि जिले के कुल 17,75,220 लाभुकों में से 14,90,475 का पूरा हो चुका है, जो 83.96 प्रतिशत है। शेष लाभुकों के ई केवाईसी को शीघ्र पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। पीडीएस दुकानों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश डीएम ने निर्देश दिया कि सभी पीडीएस दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योग्य लाभुकों को समय पर राशन मुहैया कराना जिला प्रशासन की जिम्मेवारी है। जन वितरण प्रणाली के दुकानों के संचालन में डीलर की ओर से अनियमितता की शिकायत लाभुकों की ओर से की जाती है। शिकायतों के निपटारे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से लगातार विभाग की समीक्षा की जा रही है। औरंगाबाद कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में आज जिला पदाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में मीटिंग हुई। आपूर्ति विभाग से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षात्मक बैठक आयोजित की। बैठक में एसआईओ डिस्पैच, संदिग्ध राशन कार्डों का सत्यापन, एसआईआर डेटा वेरिफिकेशन, लंबित राशन कार्ड आवेदन, ई केवाईसी प्रगति और जन वितरण प्रणाली दुकानों के निरीक्षण की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। डीएम ने बताया कि समीक्षा के दौरान सभी अधिकारियों व कर्मियों को पारदर्शिता, समयबद्धता और गुणवत्ता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है। ताकि आम जनता को सरकारी आपूर्ति सेवाओं का फायदा सुगमता से मिल सके। बैठक के दौरान अप्रैल महीने में विभिन्न अधिकारियों के किए गए पीडीएस दुकानों के निरीक्षण और कार्रवाई की समीक्षा की गई। इस दौरान जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया गया कि अप्रैल महीने में कुल 1,287 दुकानों में से 318 का निरीक्षण किया गया, जिसमें 6 अनियमितताएं सामने आईं। एसआईओ डिस्पैच की समीक्षा के दौरान जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम की ओर से जानकारी दी गई कि अप्रैल में 99.70 प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो चुकी है। इस पर डीएम ने संतोष जताते हुए निर्देश दिया कि मई के महीने में 100 प्रतिशत एसआईओ सुनिश्चित किया जाए, ताकि खाद्यान्न वितरण में किसी प्रकार की बाधा न आए। राशन कार्ड के सत्यापन मामले में स्पष्टीकरण संदिग्ध राशन कार्डों के सत्यापन की प्रगति पर चर्चा करते हुए बताया गया कि जिले में कुल 1,13,345 मामलों में से 1,07,819 मामलों का निष्पादन कर लिया गया है, जो 95.12 प्रतिशत प्रगति को दर्शाता है। अनुमंडल में यह प्रगति 99 प्रतिशत से अधिक रही, जबकि दाउदनगर अनुमंडल के कुछ प्रखंडों में लंबित मामलों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया। संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया। एसआईआर डेटा सत्यापन की समीक्षा में पाया गया कि कुल 14,271 मामलों में से 12,485 मामलों को चिह्नित किया गया है, जिससे 87.49 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। डीएम ने निर्देश दिया कि शेष मामलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए। जिले में 83.96 प्रतिशत राशन कार्ड का हो चुका है सत्यापन राशन कार्ड आवेदन की स्थिति पर भी चर्चा हुई। केए श्रेणी में कुल 1,62,351 आवेदनों में से लगभग 1.56 प्रतिशत आवेदन लंबित हैं, जबकि केएचए श्रेणी में 1,11,136 आवेदनों में से 1.80 प्रतिशत आवेदन लंबित पाए गए। जिला पदाधिकारी ने सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को समय-सीमा के भीतर लंबित आवेदनों के निष्पादन का सख्त निर्देश दिया। ई केवाईसी प्रगति की समीक्षा में बताया गया कि जिले के कुल 17,75,220 लाभुकों में से 14,90,475 का पूरा हो चुका है, जो 83.96 प्रतिशत है। शेष लाभुकों के ई केवाईसी को शीघ्र पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। पीडीएस दुकानों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश डीएम ने निर्देश दिया कि सभी पीडीएस दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी मिलने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि योग्य लाभुकों को समय पर राशन मुहैया कराना जिला प्रशासन की जिम्मेवारी है। जन वितरण प्रणाली के दुकानों के संचालन में डीलर की ओर से अनियमितता की शिकायत लाभुकों की ओर से की जाती है। शिकायतों के निपटारे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से लगातार विभाग की समीक्षा की जा रही है।


