बरेली की प्रेमनगर पुलिस ने आईफोन लुटेरे को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से लूटा गया आईफोन, चोरी की बाइक बरामद की है। आरोपी सचिन ग्रेजुएट है और नशे की लत ने उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। महज 28 साल की उम्र में उसके खिलाफ बरेली के अलग-अलग थानों में लूट, चोरी, छिनैती, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत 22 मुकदमे दर्ज है। लूट की वारदात से खुला पूरा नेटवर्क
24 अप्रैल को पीलीभीत के अमरिया निवासी अभिषेक कुमार ने प्रेमनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बाइक सवार दो बदमाशों ने उनका आईफोन छीन लिया। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और बदमाशों की तलाश तेज कर दी। रात की चेकिंग में पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपी
28 अप्रैल की रात प्रेमनगर पुलिस टीम गश्त और चेकिंग पर थी। इसी दौरान कुदेशिया अंडरपास के पास मुखबिर से सूचना मिली कि लूट का आरोपी आरपीएफ बैरक के पास चोरी की बाइक के साथ खड़ा है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया। पुलिस अब आरोपी के साथी अभय कुमार की तलाश में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पूछताछ में कबूली कई वारदातें
गिरफ्तार आरोपी की पहचान सचिन कुमार (28) निवासी इज्जतनगर के रूप में हुई। पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसने अपने साथी अभय कुमार के साथ मिलकर शास्त्री नगर से आईफोन छीना था। इसके अलावा 22 अप्रैल की रात बन्नूबाल नगर फेस-2 से बाइक चोरी करने की बात भी स्वीकार की। सचिन ने पुलिस को बताया कि वह स्नातक है लेकिन नशे का आदी हो चुका है। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए वह चोरी और लूट की घटनाओं को अंजाम देता है। बरामदगी में क्या-क्या मिला
पुलिस ने आरोपी के पास से एक आईफोन 13, एक चोरी की स्प्लेंडर बाइक, एक 315 बोर का तमंचा और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। बरामद बाइक इज्जतनगर थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी, जबकि मोबाइल प्रेमनगर की लूट की घटना से जुड़ा है। अपराध की लंबी फेहरिस्त, गैंगस्टर एक्ट भी लगा
सचिन कुमार कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है। उसके खिलाफ बरेली के बारादरी, इज्जतनगर, भोजीपुरा और प्रेमनगर थानों में चोरी, लूट, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट समेत 22 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वह लंबे समय से सक्रिय अपराधी रहा है। पुलिस टीम को मिली बड़ी कामयाबी
इस गिरफ्तारी को प्रेमनगर थाना पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इंस्पेक्टर क्राइम सुरेंद्र कुमार, सब-इंस्पेक्टर अरुण कुमार और प्रमोद कुमार समेत पूरी टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया।


