मैनपुरी में विश्व यादव परिषद ने गाय को ‘राष्ट्र माता’ घोषित करने की मांग को लेकर राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। संगठन ने कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में गाय को सदियों से माता का दर्जा प्राप्त है, इसलिए उसे संवैधानिक रूप से ‘राष्ट्र माता’ घोषित किया जाना चाहिए। ज्ञापन में गाय के धार्मिक महत्व के साथ-साथ कृषि, पर्यावरण, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में उसके योगदान पर भी प्रकाश डाला गया। इसमें बताया गया कि गाय से प्राप्त दूध, घी, गोबर और गोमूत्र मानव जीवन के लिए उपयोगी हैं और भारतीय जीवनशैली में गाय का विशेष स्थान है। संगठन ने तर्क दिया कि जिस प्रकार शेर को राष्ट्रीय पशु और मोर को राष्ट्रीय पक्षी का दर्जा प्राप्त है, उसी तरह गाय को भी ‘राष्ट्र माता’ का सम्मान मिलना चाहिए। विश्व यादव परिषद की मैनपुरी इकाई के नेतृत्व में यह ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। इस दौरान आशीष यादव, सुचित यादव और नीलेश यादव सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र सरकार से जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में निर्णय लेने की मांग की गई। संगठन के आलोक यादव ने कहा कि देश और प्रदेश में गौवंश पर हो रहे अत्याचार निंदनीय हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि गौवंश की उपेक्षा, तस्करी और उत्पीड़न जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। आलोक यादव ने आगे कहा कि गाय केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। उन्होंने मांग की कि गाय को राष्ट्र माता का दर्जा देकर उसके संरक्षण के लिए सख्त और प्रभावी व्यवस्था लागू की जानी चाहिए। आलोक यादव ने जोर देकर कहा कि यह केवल एक मांग नहीं, बल्कि जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा है, जिसे सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए।


