बांका में 18 जोड़ों का हुआ सामूहिक विवाह:स्व. सदानंद सिंह की स्मृति में हुआ आयोजन, दहेज प्रथा पर रोक लगाना उद्देश्य

बांका में 18 जोड़ों का हुआ सामूहिक विवाह:स्व. सदानंद सिंह की स्मृति में हुआ आयोजन, दहेज प्रथा पर रोक लगाना उद्देश्य

बांका के रजौन प्रखंड स्थित सोहानी गांव में सोमवार देर रात एक सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इसमें 18 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। यह आयोजन महात्मा भोली बाबा के आशीर्वाद से कन्हैया मंडली के तत्वावधान में स्वर्गीय सदानंद सिंह की स्मृति में किया गया। सभी जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच अग्नि को साक्षी मानकर हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। यह सामूहिक विवाह समारोह वर्ष 2007 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। मंगल गीतों और बैंड-बाजे के साथ बारात पुनसिया से सोहानी गांव पहुंची। अतिथि का अंग वस्त्र देकर किया गया स्वागत समारोह में पूर्व मंत्री सरवन कुमार, भागलपुर सांसद अजय मंडल, बांका विधायक रामनारायण मंडल और कहलगांव विधायक सुभानंद मुकेश सहित डॉ. हर्षवर्धन जैसे मुख्य अतिथि उपस्थित थे। उनका फूलमाला, मोमेंटो और अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया। विवाह के लिए 18 अलग-अलग मंडप तैयार किए गए थे। पंडितों ने सभी मंडपों में विधिवत वरमाला और सात फेरे सहित अन्य रस्में पूरी कराईं। ढोल-नगाड़ों और बैंड की धुन पर युवाओं ने नृत्य किया, जबकि महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए। दहेज प्रथा पर रोक लगाना उद्देश्य मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। ये दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने में सहायक होते हैं। उन्होंने इस आयोजन को सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया। बांका के रजौन प्रखंड स्थित सोहानी गांव में सोमवार देर रात एक सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किया गया। इसमें 18 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। यह आयोजन महात्मा भोली बाबा के आशीर्वाद से कन्हैया मंडली के तत्वावधान में स्वर्गीय सदानंद सिंह की स्मृति में किया गया। सभी जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच अग्नि को साक्षी मानकर हिंदू रीति-रिवाज से सात फेरे लिए। यह सामूहिक विवाह समारोह वर्ष 2007 से प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष भी बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए। मंगल गीतों और बैंड-बाजे के साथ बारात पुनसिया से सोहानी गांव पहुंची। अतिथि का अंग वस्त्र देकर किया गया स्वागत समारोह में पूर्व मंत्री सरवन कुमार, भागलपुर सांसद अजय मंडल, बांका विधायक रामनारायण मंडल और कहलगांव विधायक सुभानंद मुकेश सहित डॉ. हर्षवर्धन जैसे मुख्य अतिथि उपस्थित थे। उनका फूलमाला, मोमेंटो और अंग वस्त्र देकर स्वागत किया गया। विवाह के लिए 18 अलग-अलग मंडप तैयार किए गए थे। पंडितों ने सभी मंडपों में विधिवत वरमाला और सात फेरे सहित अन्य रस्में पूरी कराईं। ढोल-नगाड़ों और बैंड की धुन पर युवाओं ने नृत्य किया, जबकि महिलाओं ने पारंपरिक मंगल गीत गाए। दहेज प्रथा पर रोक लगाना उद्देश्य मुख्य अतिथियों ने अपने संबोधन में कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देते हैं। ये दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों पर रोक लगाने और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ कम करने में सहायक होते हैं। उन्होंने इस आयोजन को सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत करने की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *