किशनगंज के दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत धनतोला पंचायत के पांचगाछी गांव में शनिवार शाम को एक किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब किसान अपने मक्का के खेत में सिंचाई कर रहा था। हमले में किसान को मामूली चोटें आई हैं, जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। सूचना पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें,पूरा मामला… खेत में पानी देते समय हमला पीड़ित किसान अक्षय कुमार गिरी ने बताया कि वह बूढ़ी कनकई नदी पार स्थित अपने खेत में पटवन कर रहे थे। इसी दौरान खेतों के बीच से अचानक एक तेंदुआ निकला और उन पर दो बार झपट्टा मारा। उन्होंने किसी तरह खुद को बचाया और मौके से भागकर जान बचाई। हमले में उनके पेट के पास हल्के खरोंच के निशान पाए गए हैं। FAO बोले-विभाग की टीम नजर बनाए हुए वन-क्षेत्र पदाधिकारी राधेश्याम रॉय ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे मक्का के खेतों में अकेले न जाएं और सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी से काम लेना जरूरी है। वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। गौरतलब है कि दिघलबैंक के सीमावर्ती धनतोला पंचायत क्षेत्र में पहले से ही जंगली हाथियों की सक्रियता बनी हुई है। ऐसे में अब तेंदुए की मौजूदगी की खबर से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। वनरक्षी ने कहा -तेंदुए के ठहरने के साक्ष्य नहीं वनरक्षी पंकज कुमार समेत अन्य कर्मियों ने पीड़ित किसान से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से मक्का के खेतों का निरीक्षण किया, हालांकि वहां तेंदुए या किसी अन्य जंगली जानवर के ठहरने के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है। पीड़ित बोला-तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया पीड़ित अक्षय कुमार ने बताया कि वह खेत में पटवन के लिए पानी देने गए थे। इसी दौरान पौधों के पीछे उन्हें एक तेंदुआ दिखाई दिया। अचानक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। किसी तरह वह खुद को बचाते हुए वहां से भागे, हालांकि इस दौरान उन्हें हल्की चोटें आईं। घटना स्थल नेपाल सीमा से सटे है यहां से जंगल की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है। किशनगंज के दिघलबैंक प्रखंड अंतर्गत धनतोला पंचायत के पांचगाछी गांव में शनिवार शाम को एक किसान पर तेंदुए ने हमला कर दिया। घटना उस समय हुई जब किसान अपने मक्का के खेत में सिंचाई कर रहा था। हमले में किसान को मामूली चोटें आई हैं, जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को सूचित किया। सूचना पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… सिलसिलेवार पढ़ें,पूरा मामला… खेत में पानी देते समय हमला पीड़ित किसान अक्षय कुमार गिरी ने बताया कि वह बूढ़ी कनकई नदी पार स्थित अपने खेत में पटवन कर रहे थे। इसी दौरान खेतों के बीच से अचानक एक तेंदुआ निकला और उन पर दो बार झपट्टा मारा। उन्होंने किसी तरह खुद को बचाया और मौके से भागकर जान बचाई। हमले में उनके पेट के पास हल्के खरोंच के निशान पाए गए हैं। FAO बोले-विभाग की टीम नजर बनाए हुए वन-क्षेत्र पदाधिकारी राधेश्याम रॉय ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे मक्का के खेतों में अकेले न जाएं और सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि सावधानी से काम लेना जरूरी है। वन विभाग की टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है। गौरतलब है कि दिघलबैंक के सीमावर्ती धनतोला पंचायत क्षेत्र में पहले से ही जंगली हाथियों की सक्रियता बनी हुई है। ऐसे में अब तेंदुए की मौजूदगी की खबर से ग्रामीणों की चिंता और बढ़ गई है। वनरक्षी ने कहा -तेंदुए के ठहरने के साक्ष्य नहीं वनरक्षी पंकज कुमार समेत अन्य कर्मियों ने पीड़ित किसान से मुलाकात कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से मक्का के खेतों का निरीक्षण किया, हालांकि वहां तेंदुए या किसी अन्य जंगली जानवर के ठहरने के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की सलाह दी है। पीड़ित बोला-तेंदुए ने अचानक हमला कर दिया पीड़ित अक्षय कुमार ने बताया कि वह खेत में पटवन के लिए पानी देने गए थे। इसी दौरान पौधों के पीछे उन्हें एक तेंदुआ दिखाई दिया। अचानक तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। किसी तरह वह खुद को बचाते हुए वहां से भागे, हालांकि इस दौरान उन्हें हल्की चोटें आईं। घटना स्थल नेपाल सीमा से सटे है यहां से जंगल की दूरी 4 से 5 किलोमीटर है।


