रामपुर रजा पुस्तकालय में तीन प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस त्रिपक्षीय समझौते में रामपुर रज़ा पुस्तकालय, वृंदावन शोध संस्थान (मथुरा) और ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (लखनऊ) शामिल हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य शोध, अनुवाद, प्रदर्शनी, सेमिनार और अन्य शैक्षणिक गतिविधियों में आपसी सहयोग को मजबूत करना है। इसका लक्ष्य भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देना और उसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है। कार्यक्रम में तीनों संस्थानों के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। रामपुर रज़ा पुस्तकालय के निदेशक डॉ. पुष्कर मिश्र ने इस कदम को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि 1774 में स्थापित यह संस्थान आज भी देश-विदेश के शोधार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। वृंदावन शोध संस्थान के निदेशक डॉ. राजीव द्विवेदी ने इस सहयोग से शोध और संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर परिणाम आने की उम्मीद जताई। वहीं, ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजय तनेजा ने कहा कि इससे छात्रों और शिक्षकों को समृद्ध संसाधनों तक सीधी पहुंच मिलेगी। समारोह का संचालन आस्था भारती झा ने किया। इस समझौते को ज्ञान, संस्कृति और शोध को नई दिशा देने वाली कई नई संभावनाओं के द्वार खोलने वाला माना जा रहा है।


