Causes of Dark Underarms Health: अक्सर लोग बगल (Underarms) के कालेपन को पसीने, डियोड्रेंट के अधिक इस्तेमाल या खराब शेविंग आदतों का नतीजा मान लेते हैं। ब्यूटी पार्लर और विज्ञापनों के चक्कर में हम इसे सिर्फ एक ‘स्किन केयर इशू’ समझकर गोरा करने वाली क्रीमों में पैसे बर्बाद करते रहते हैं। लेकिन मेडिकल साइंस के अनुसार, अंडरआर्म्स का कालापन आपके शरीर के भीतर पनप रही गंभीर बीमारियों का एक ‘अलार्म’ (Warning Sign) हो सकता है। इसे नजरअंदाज करना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।
इंसुलिन रेजिस्टेंस और प्री-डायबिटीज (Acanthosis Nigricans)
मेडिकल रिसर्च के अनुसार, अंडरआर्म्स की त्वचा का मोटा और मखमली होकर काला पड़ना एक विशेष स्थिति है जिसे ‘एकैन्थोसिस निग्रिकन्स’ (Acanthosis Nigricans) कहा जाता है। American Academy of Dermatology (AAD) की एक रिपोर्ट बताती है कि जब शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ जाता है, तो यह त्वचा की कोशिकाओं को तेजी से बढ़ने के लिए उकसाता है, जिससे वह हिस्सा काला और मोटा दिखने लगता है। यह इस बात का संकेत है कि आपका शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पा रहा है और आप टाइप-2 डायबिटीज की दहलीज पर खड़े हैं।
महिलाओं में पीसीओएस (PCOS) का खतरा
महिलाओं के लिए डार्क अंडरआर्म्स हारमोनल असंतुलन का एक बड़ा इशारा हो सकते हैं। Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) से जूझ रही महिलाओं में अक्सर एंड्रोजन (पुरुष हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है, जो इंसुलिन के स्तर को भी प्रभावित करता है। यदि अंडरआर्म्स के कालेपन के साथ-साथ चेहरे पर अनचाहे बाल, अनियमित पीरियड्स या अचानक वजन बढ़ रहा है, तो यह सीधे तौर पर पीसीओएस का संकेत है। रिसर्च के मुताबिक, पीसीओएस से पीड़ित करीब 30-40% महिलाओं में यह स्किन कंडीशन देखी जाती है।
लिवर और थायराइड की समस्या
इंसुलिन के अलावा, कुछ दुर्लभ मामलों में डार्क अंडरआर्म्स लिवर की बीमारियों या थायराइड ग्लैंड के ठीक से काम न करने की वजह से भी होते हैं। National Institutes of Health (NIH) की एक स्टडी के अनुसार, जब लिवर के एंजाइम्स असंतुलित होते हैं, तो टॉक्सिन्स शरीर से बाहर नहीं निकल पाते, जिसका असर त्वचा के पिगमेंटेशन पर पड़ता है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स की राय
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, स्किन क्रीम इस समस्या का हल नहीं हैं। अगर आपके अंडरआर्म्स काले पड़ रहे हैं और घर के नुस्खे या क्रीम काम नहीं कर रहे, तो आपको ब्यूटी एक्सपर्ट के पास नहीं, बल्कि एंडोक्राइनोलॉजिस्ट के पास जाना चाहिए। सबसे पहले अपना HbA1c (ब्लड शुगर) और फास्टिंग इंसुलिन टेस्ट कराएं। अक्सर वजन कम करने और शुगर कंट्रोल करने से यह कालापन अपने आप ठीक हो जाता है।
क्या करें?
अगर आपको डार्क अंडरआर्म्स की समस्या है, तो घबराएं नहीं बल्कि जागरूक बनें। अपनी डाइट में मीठा और रिफाइंड कार्ब्स कम करें, नियमित व्यायाम करें और डॉक्टर की सलाह से अपने हार्मोनल लेवल की जांच कराएं। याद रखें, आपकी त्वचा आपके आंतरिक स्वास्थ्य का आईना है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


