चतरा डीसी ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण:गंदगी-लापरवाही देख भड़के, मैनेजर को तत्काल हटाने का आदेश

चतरा डीसी ने सदर अस्पताल का किया औचक निरीक्षण:गंदगी-लापरवाही देख भड़के, मैनेजर को तत्काल हटाने का आदेश

चतरा के नए डीसी रवि आनंद ने आज दोपहर सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें अस्पताल में गंदगी और व्यवस्थाओं में लापरवाही मिली। उपायुक्त ने मौके पर ही अस्पताल मैनेजर को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने का आदेश दिया। उपायुक्त रवि आनंद ने पदभार ग्रहण करने के बाद जनहित के कार्यों में सक्रियता दिखाई है। इसी क्रम में उन्होंने जिला सदर अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, प्रसूति वार्ड और जनरल वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त का मुख्य ध्यान अस्पताल की साफ-सफाई और बुनियादी व्यवस्थाओं पर था। वार्डों में फैली गंदगी और बेडों की खराब स्थिति देखकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल की बदहाली के लिए मैनेजर की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया। उपायुक्त ने बताया कि अस्पताल मैनेजर पिछले तीन महीनों से कार्यरत हैं, लेकिन अस्पताल की जर्जर व्यवस्था और गंदगी में कोई सुधार नहीं हुआ है। मैनेजर की घोर लापरवाही और कार्य के प्रति उदासीनता को देखते हुए, उपायुक्त ने उनके विरुद्ध ‘कार्य मुक्ति’ का पत्र आज ही जारी करने का निर्देश दिया है। यानी, अब सदर अस्पताल को नया और सक्रिय प्रबंधन देने की तैयारी शुरू हो गई है। उपायुक्त ने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल की साफ-सफाई से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने जनता को भरोसा दिया कि यदि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर या कर्मी लापरवाही बरतता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें। प्रशासन की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी शिकायत पर प्रशासन स्वत: संज्ञान लेगा, उसकी निष्पक्ष जांच कराएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चतरा के नए डीसी रवि आनंद ने आज दोपहर सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें अस्पताल में गंदगी और व्यवस्थाओं में लापरवाही मिली। उपायुक्त ने मौके पर ही अस्पताल मैनेजर को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त करने का आदेश दिया। उपायुक्त रवि आनंद ने पदभार ग्रहण करने के बाद जनहित के कार्यों में सक्रियता दिखाई है। इसी क्रम में उन्होंने जिला सदर अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड, प्रसूति वार्ड और जनरल वार्ड का बारीकी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त का मुख्य ध्यान अस्पताल की साफ-सफाई और बुनियादी व्यवस्थाओं पर था। वार्डों में फैली गंदगी और बेडों की खराब स्थिति देखकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अस्पताल की बदहाली के लिए मैनेजर की कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया। उपायुक्त ने बताया कि अस्पताल मैनेजर पिछले तीन महीनों से कार्यरत हैं, लेकिन अस्पताल की जर्जर व्यवस्था और गंदगी में कोई सुधार नहीं हुआ है। मैनेजर की घोर लापरवाही और कार्य के प्रति उदासीनता को देखते हुए, उपायुक्त ने उनके विरुद्ध ‘कार्य मुक्ति’ का पत्र आज ही जारी करने का निर्देश दिया है। यानी, अब सदर अस्पताल को नया और सक्रिय प्रबंधन देने की तैयारी शुरू हो गई है। उपायुक्त ने मौके पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि अस्पताल की साफ-सफाई से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने जनता को भरोसा दिया कि यदि अस्पताल में कोई भी डॉक्टर या कर्मी लापरवाही बरतता है, तो इसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन को दें। प्रशासन की ओर से यह साफ कर दिया गया है कि जनहित के मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी शिकायत पर प्रशासन स्वत: संज्ञान लेगा, उसकी निष्पक्ष जांच कराएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

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