सिर्फ खांसी ही नहीं, पीठ दर्द और पेशाब में खून भी हैं TB के लक्षण, शरीर के इन 5 अंगों में छिपकर बैठ सकता है ये साइलेंट किलर!

सिर्फ खांसी ही नहीं, पीठ दर्द और पेशाब में खून भी हैं TB के लक्षण, शरीर के इन 5 अंगों में छिपकर बैठ सकता है ये साइलेंट किलर!

TB symptoms in Hindi: आमतौर पर ‘टीबी’ (Tuberculosis) का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में फेफड़ों की बीमारी और लगातार उठने वाली खांसी का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि टीबी एक ऐसा ‘बहरूपिया’ है जो फेफड़ों को छोड़कर आपके शरीर के किसी भी हिस्से को अपना शिकार बना सकता है? मेडिकल साइंस की भाषा में इसे ‘एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी’ (Extrapulmonary TB) कहा जाता है। चौंकाने वाली बात यह है कि इस प्रकार की टीबी में मरीज को खांसी तक नहीं आती, जिससे इसका पता लगाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

क्या कहती है ग्लोबल मेडिकल रिसर्च?

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) की एक ग्लोबल रिपोर्ट के मुताबिक, टीबी के कुल मामलों में से लगभग 15% से 25% मामले एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी के होते हैं। भारत जैसे देशों में यह आंकड़ा और भी चिंताजनक है। Journal of Clinical Medicine में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, शरीर के अंगों में फैलने वाली टीबी का निदान (Diagnosis) अक्सर देरी से होता है क्योंकि इसके लक्षण सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं। रिसर्च बताती है कि हड्डियों की टीबी (Bone TB) और किडनी की टीबी (Urogenital TB) तेजी से बढ़ रही है, जिसका मुख्य कारण जागरूकता की कमी है।

शरीर के वो 5 हिस्से जहां ‘छिपकर’ बैठती है टीबी:

  • हड्डियां और रीढ़ (Bone & Spine TB): इसे ‘पॉट डिजीज’ भी कहते हैं। इसमें मरीज को तेज पीठ दर्द होता है और हड्डियां खोखली होने लगती हैं।
  • किडनी (Urogenital TB): इसके लक्षणों में पेशाब में खून आना (Hematuria) और बार-बार यूरिन इन्फेक्शन होना शामिल है।
  • दिमाग (Meningitis TB): यह सबसे घातक है। इसमें लगातार सिरदर्द, गर्दन में अकड़न और याददाश्त पर असर पड़ता है।
  • हृदय (Pericardial TB): टीबी का बैक्टीरिया दिल की बाहरी परत पर हमला करता है, जिससे सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत होती है।
  • लिम्फ नोड्स (Lymph Node TB): गर्दन या बगल में छोटी गांठों का बनना इसका प्राथमिक संकेत है।

विशेषज्ञों की राय: डॉक्टर की चेतावनी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि ‘एक्स्ट्रापल्मोनरी टीबी’ को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। डॉ. अरुण शर्मा (सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट) के अनुसार “लोग अक्सर पीठ दर्द को थकान या पेशाब में खून को गर्मी का असर समझ लेते हैं। लेकिन अगर ये लक्षण 2 हफ्ते से ज्यादा बने रहें, तो यह टीबी का संकेत हो सकता है। फेफड़ों की टीबी संक्रमित व्यक्ति के खांसने से फैलती है, लेकिन हड्डियों या किडनी की टीबी संक्रामक (Contagious) नहीं होती, फिर भी यह शरीर को अंदर से खोखला कर देती है।” एक अन्य रिसर्च में डॉ. नीलम गुप्ता (इन्फेक्शियस डिजीज एक्सपर्ट) ने बताया है कि, “टीबी बैक्टीरिया खून के जरिए शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंचता है। अगर आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है, तो यह अंगों को चुपके से चाट जाता है।”

बचाव और जांच

अगर आपको बिना खांसी के बुखार, अचानक वजन कम होना या शरीर के किसी खास हिस्से में लगातार दर्द महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। CT Scan, MRI, और बायोप्सी जैसे टेस्ट से इस ‘छिपी हुई टीबी’ को पकड़ा जा सकता है। याद रखें, समय पर इलाज ही इस ‘साइलेंट किलर’ से बचने का एकमात्र रास्ता है।

डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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