चित्तौड़गढ़ जिले की अपर सेशन न्यायालय संख्या-2 के पीठासीन अधिकारी विनोद कुमार बैरवा ने करीब 12 साल पुराने एक गंभीर आपराधिक मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी को उम्रकैद की सजा दी है। कोर्ट ने आरोपी पर 75 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला हत्या, लूट और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर लंबे समय से सुनवाई चल रही थी। ट्रेलर चालक पर हमला कर की गई थी लूट अपर लोक अभियोजक ममता जीनगर ने बताया कि यह मामला साल 2014 में चंदेरिया थाने में दर्ज किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, अजमेर निवासी कानाराम, जो एक ट्रेलर में खलासी था, ने शिकायत दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि 2 अगस्त 2014 को वह और ट्रेलर चालक हरलाल निंबाहेड़ा से सीमेंट भरकर दिल्ली जा रहे थे। रास्ते में जाम और खराब सड़क के कारण वे ओछड़ी पुलिया के पास एक होटल पर रुके और खाना खाकर आगे बढ़े। कुछ दूरी चलने के बाद ट्रेलर चढ़ाई पर बंद हो गया, जिसके बाद दोनों वहीं केबिन में सो गए। सुबह तड़के बदमाशों ने किया हमला रात करीब 3 बजे पुलिस गश्त के दौरान आई और उन्हें वहां से हटने की सलाह दी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। सुबह करीब 5 बजे दो बदमाश ट्रेलर में घुस आए। उन्होंने पैसे मांगे और मना करने पर चालक हरलाल पर चाकू से हमला कर दिया। बदमाशों ने ट्रेलर में रखे करीब 35 हजार रुपए लूट लिए और हरलाल के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद दोनों के हाथ बांधकर उन्हें केबिन में बांध दिया और हरलाल के सोने के लॉन्ग, मोबाइल और चांदी का कड़ा भी लूटकर फरार हो गए। हॉस्पिटल में हुई चालक की मौत बदमाशों के जाने के बाद कानाराम ने किसी तरह खुद को छुड़ाया और हरलाल को संभालने की कोशिश की, लेकिन वह बेहोश हो चुका था। सुबह होने पर टोलकर्मियों की मदद से उसे हॉस्पिटल पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और मामले में कई आरोपियों को चिन्हित किया। एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य पर कार्रवाई जारी पुलिस ने इस मामले में छोटी सादड़ी निवासी दिनेश उर्फ दशरथ को गिरफ्तार किया और उसके खिलाफ चालान पेश किया। एक अन्य आरोपी विक्रम उर्फ भूरिया अब भी फरार है। वहीं एक आरोपी कमल सिंह की मौत हो चुकी है, जिसके चलते उसके खिलाफ कार्रवाई बंद कर दी गई। इस मामले में अन्य आरोपियों के खिलाफ भी पहले ही फैसला दिया जा चुका है। पिछले साल अन्य आरोपियों पर आ चुका है फैसला इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत पहले ही फैसला सुना चुकी है। 26 मार्च 2025 को हरि सिंह, आजाद खान, भगत सिंह, गोवर्धन, राधेश्याम लाल उर्फ लाल सिंह, सुनील, नितेश आंजना और गेहरी लाल के मामलों में फैसला दिया गया था। इनमें से दो आरोपियों को उम्र कैद की सजा और बाकियों को संदेह का लाभ देकर बरी किया गया था। जबकि मुख्य आरोपी दिनेश उर्फ दशरथ के खिलाफ सुनवाई जारी रही, जिसमें अब सजा सुनाई गई है। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दी सजा फैसला सुनाते समय न्यायाधीश ने कहा कि यह मामला लंबे समय से चल रहा था और पहले ठोस सबूत नहीं थे, लेकिन अब आरोपी दिनेश के खिलाफ हत्या, लूट और मारपीट जैसे गंभीर अपराध साबित हो चुके हैं। ऐसे में अदालत ने यह स्पष्ट किया कि इस तरह के गंभीर अपराध में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती। इसी आधार पर आरोपी को उम्रकैद और जुर्माने की सजा सुनाई गई।


