अयोध्या में पारा 43 के पार, गर्मी से मवेशी बेहाल:विदेशी नस्ल की गायों की मौत के मामले बढ़े, पशु चिकित्सक ने जारी की एडवाइजरी

अयोध्या में पारा 43 के पार, गर्मी से मवेशी बेहाल:विदेशी नस्ल की गायों की मौत के मामले बढ़े, पशु चिकित्सक ने जारी की एडवाइजरी

अयोध्या जिले में पड़ रही भीषण गर्मी का कहर अब इंसानों के साथ मवेशियों पर भी टूटने लगा है। तापमान 40 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से पशु बीमार पड़ रहे हैं और विदेशी नस्ल की गायों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अचानक बढ़े तापमान ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है। आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. सोनू जायसवाल ने बताया कि 15 दिन पहले तक अधिकतम तापमान 30 से 35 डिग्री के बीच था, जो अब 43 डिग्री तक पहुंच गया है। इस तेज बदलाव से पशु अपने शरीर का तापमान संतुलित नहीं कर पा रहे और हीट स्ट्रेस का शिकार हो रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक जर्सी और काली-सफेद चित्तीदार जैसी विदेशी नस्ल की गायें यहां की गर्मी सहन नहीं कर पातीं। यही वजह है कि इनकी मौत के मामले ज्यादा आ रहे हैं। विदेशी नस्ल के कुत्ते भी गर्मी से प्रभावित हो रहे हैं। पिछले चार दिनों में करीब एक दर्जन बीमार मवेशी इलाज के लिए लाए गए, जिनमें से दो की मौत हो गई, बाकी को समय पर इलाज से बचा लिया गया। डॉ. जायसवाल ने पशुपालकों को सलाह दी है कि पशुओं को ठंडी-हवादार जगह पर रखें और संभव हो तो पंखे-कूलर लगाएं। चराने के लिए सुबह जल्दी निकालें और तेज धूप से पहले वापस ले आएं। शाम 5 बजे के बाद ही बाहर निकालें। दिन में छायादार स्थान पर रखना जरूरी है। गर्मी से पशुओं में लवण की कमी हो जाती है, जिससे दुधारू पशुओं का दूध उत्पादन घट जाता है। तनाव के कारण वे कम दूध देते हैं। ऐसे में पशुओं को भरपूर पानी पिलाएं। पानी में गुड़ और नमक मिलाकर देना फायदेमंद है। सुबह-शाम नहलाने से भी राहत मिलती है। कुत्तों को हफ्ते में दो से तीन बार नहलाएं। विशेषज्ञों ने पशुपालकों से अपील की है कि मवेशियों को पर्याप्त पानी, हरा चारा और अनुकूल वातावरण दें, ताकि उन्हें गर्मी से बचाया जा सके और दूध उत्पादन पर असर न पड़े।

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