यूपी बोर्ड परीक्षा में दसवीं रैंक हासिल करने वाली और आजमगढ़ जिले में दूसरी रैंक हासिल करने वाली अनु यादव का सपना डॉक्टर बनकर समाज सेवा करने का है। बेहद मामूली परिवेश की रहने वाली अनु यादव ने यह सफलता अपनी मेहनत से हासिल की है। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर अनु यादव जिस घर में रहती है। वह घर पूरा कच्चा है। परिवार की आर्थिक पृष्ठभूमि बेहद सामान्य है। अनु यादव के पिता भानु प्रताप यादव गाजियाबाद में प्राइवेट नौकरी करते हैं जबकि माता उषा देवी हाउसवाइफ है। घर पर थोड़ी बहुत खेती है। अनु यादव अपने माता-पिता की इकलौती संतान है। जिले में दूसरी रैंक हासिल करने के बाद घर पर आसपास के लोग बेटी को बधाई देने आ रहे हैं। बेहद मामूली प्रवेश से निकलने वाली अनु यादव ने यह साबित कर दिया कि मेहनत से सफलता मिलती है और अपनी मेहनत के कारण ही बुलंदी का झंडा गाड़ दिया। अपनी सफलता में घर परिवार का पूरा सहयोग मिलने की बात कही। लगातार सोशल मीडिया के बढ़ते प्रयोग के सवाल पर अनु यादव का कहना है कि सोशल मीडिया का यदि शिक्षा के लिए सही प्रयोग किया जाए तो बहुत मदद करती है। डॉक्टर बनना चाहती हैं अनु अनु यादव का सपना डॉक्टर बनकर जनता की सेवा करने का है। मेधावी छात्रा का कहना है की बड़ी संख्या में लोग पैसे के अभाव में अपना इलाज नहीं करा पाते हैं। ऐसे में डॉक्टर बनकर ऐसे लोगों की जिससे मदद कर सकूं। बलिराम बेचू इंटर कॉलेज की अनु यादव ने 96.17% हासिल करके दूसरा स्थान हासिल किया है।परीक्षा में अनु ने हिंदी में 96, इंग्लिश में 97, मैथ में 98, साइंस में 97, सोशल साइंस में 91 और ड्रॉइंग में 98 नंबर हासिल किए हैं। अनु यादव का सपना डॉक्टर बनकर जनता की सेवा करने का है। मेधावी छात्रा का कहना है की बड़ी संख्या में लोग पैसे के अभाव में अपना इलाज नहीं करा पाते हैं। ऐसे में डॉक्टर बनकर ऐसे लोगों की जिससे मदद कर सकूं। चाचा बोले शिखर पर पहुंचने की नहीं की उम्मीद
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए अनु यादव के चाचा मन्नू यादव का कहना है की भतीजी 5 6 घंटे की नियमित पढ़ाई करती थी। मुझे पूरा भरोसा और उम्मीद भी थी कि 90% से ज्यादा अंक हासिल करेगी। पर इतनी उम्मीद नहीं थी की भतीजी शिखर पर पहुंच जाएगी। मां बोली बहुत खुश हूं
दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए अनु यादव की मां उषा देवी का कहना है की बेटी सुबह शाम पढ़ाई करती थी। पूरे परिवार का सहयोग रहता था। आज जब बेटी के इतने नंबर आए हैं। तो मुझे बहुत खुशी है। आसपास के और दूर-दूर से बड़ी संख्या में लोग बेटी को बधाई देने के लिए घर पर आ रहे हैं। चाचा का बेटा बोला बहन से लूंगा प्रेरणा
वही अनु यादव के चाचा का बेटा प्रांजल यादव जो की कक्षा 7 में पढ़ रहा है का कहना है कि जिस तरह से मेरी बहन ने पूरे प्रदेश में 10वीं रैंक और आजमगढ़ में दूसरी रैंक हासिल की है। मुझे बहुत खुशी है। अब इन्हीं से प्रेरणा लेकर हम भी टॉप करेंगे।


