धौलपुर जिले में शुक्रवार रात आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का मिला-जुला असर देखने को मिला। रात 8:00 बजे से 8:15 बजे तक निर्धारित इस ड्रिल के दौरान शुरुआती तीन मिनट तक ही बिजली गुल रही, जिससे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी। स्थानीय निवासियों ने बताया कि उन्हें इस मॉक ड्रिल की पूर्व जानकारी नहीं थी। इस कारण कई स्थानों पर लोग सामान्य रूप से अपने दैनिक कार्य करते रहे। नागरिकों का कहना था कि पर्याप्त सूचना मिलने पर बेहतर सहयोग मिल सकता था।
ड्रिल के दौरान एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई। ब्लैकआउट के निर्देशों के बावजूद कई सरकारी इमारतों पर लाइटें जलती हुई दिखाई दीं, जबकि सभी प्रकार की रोशनी बंद रखने के स्पष्ट निर्देश थे। रात 8:15 बजे दोबारा बिजली आपूर्ति काटे जाने से लोगों में और अधिक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, ऐसी मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयारियों का आकलन करना होता है। हालांकि, प्रचार-प्रसार की कमी और उचित क्रियान्वयन के अभाव के कारण इस ड्रिल के अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं हो सके।


