बेतिया जिले में अवैध रूप से संचालित चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। सिविल सर्जन विजय कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, पश्चिम चंपारण की एक विशेष टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान जांच दल ने चिन्हित अस्पतालों के आवश्यक दस्तावेजों, पंजीकरण प्रमाणपत्रों और निर्धारित चिकित्सा मानकों की गहनता से जांच की। इस अभियान में कुल पांच संस्थानों की जांच की गई, जिनमें से एक अस्पताल सभी आवश्यक मानकों पर खरा उतरा और उसके दस्तावेज वैध पाए गए। कुल तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की गई विभाग की कार्रवाई मुख्य रूप से अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर केंद्रित रही। कुल तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की गई, जहां गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। टीम के पहुंचने पर एक केंद्र बंद मिला, जबकि शेष दो केंद्रों को तत्काल अपने वैध दस्तावेज विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने की कड़ी चेतावनी दी गई है। निर्धारित समय सीमा में कागजात जमा न करने पर इन केंद्रों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अवैध रूप से संचालित दो नर्सिंग होम की भी जांच की गई इसके अतिरिक्त, अवैध रूप से संचालित दो नर्सिंग होम की भी जांच की गई। इनमें से एक नर्सिंग होम बंद पाया गया, जबकि दूसरे में गंभीर खामियां मिलीं, जिसके आधार पर उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। इसका उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और मानक के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। बेतिया जिले में अवैध रूप से संचालित चिकित्सा केंद्रों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। सिविल सर्जन विजय कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग, पश्चिम चंपारण की एक विशेष टीम ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण अभियान चलाया। निरीक्षण के दौरान जांच दल ने चिन्हित अस्पतालों के आवश्यक दस्तावेजों, पंजीकरण प्रमाणपत्रों और निर्धारित चिकित्सा मानकों की गहनता से जांच की। इस अभियान में कुल पांच संस्थानों की जांच की गई, जिनमें से एक अस्पताल सभी आवश्यक मानकों पर खरा उतरा और उसके दस्तावेज वैध पाए गए। कुल तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की गई विभाग की कार्रवाई मुख्य रूप से अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर केंद्रित रही। कुल तीन अल्ट्रासाउंड केंद्रों की जांच की गई, जहां गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। टीम के पहुंचने पर एक केंद्र बंद मिला, जबकि शेष दो केंद्रों को तत्काल अपने वैध दस्तावेज विभाग के समक्ष प्रस्तुत करने की कड़ी चेतावनी दी गई है। निर्धारित समय सीमा में कागजात जमा न करने पर इन केंद्रों को सील करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अवैध रूप से संचालित दो नर्सिंग होम की भी जांच की गई इसके अतिरिक्त, अवैध रूप से संचालित दो नर्सिंग होम की भी जांच की गई। इनमें से एक नर्सिंग होम बंद पाया गया, जबकि दूसरे में गंभीर खामियां मिलीं, जिसके आधार पर उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध चिकित्सा संस्थानों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा। इसका उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित और मानक के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।


