आजमगढ़ पहुंचे उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल और सदस्य दीपक गोयल ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण के दौरान जनपद के विभिन्न गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। भ्रमण के दूसरे दिन कलेक्ट्रेट सभागार में में गोवंश संरक्षण अनुश्रवण समिति की बैठक की। गौ आश्रय स्थलों की हकीकत जानने हेतु उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल और सदस्य दीपक गोयल ने जनपद के 4 वृहद व अस्थाई गौआश्रय स्थलों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में उन्होने विकास खण्ड अतरौलिया के वृहद गोसंरक्षण केन्द्र मकरहा, विकास खण्ड अहरौला के अस्थाई गौआश्रय स्थल बस्ती भुजवल, विकास खण्ड कोयलसा के कोटवा जलाल अस्थाई गौआश्रय स्थल और विकास खण्ड बिलरियागंज के वृहद गोसंरक्षण केन्द्र गदनुपर हिछनपट्टी का निरीक्षण कर पशुओं के लिए टीन शेड, पेयजल, हरा चारा, वृक्षारोपण, छायादार स्थान, चूनी- चोकर आदि बिन्दुओं पर केयरटेकरों व संबंधित खण्ड विकास अधिकारी व पशु चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए सुधार करने पर बल दिया। अस्थाई स्थाई गौशाला की समीक्षा
इस बैठक के दौरान स्थायी एवं अस्थायी गो-आश्रय स्थलों से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर गहन समीक्षा की गई। बैठक में सड़कों एवं खेतों में विचरण कर रहे निराश्रित, बेसहारा गोवंशों को संरक्षित करने, मुख्यमंत्री सहभागिता योजना में विकास खण्डवार जीवित गोवंश एवं फण्ड रिक्वेस्ट और सहभागियों को सुपुर्दगी में गोवंशों को दिये जाने की अपील की गयी। चारागाह सम्बद्ध भूमि पर हरा चारा उत्पादन हेतु प्रदत्त धनराशि के सापेक्ष हरे चारे, नैपियर घास लगवाये जाने की प्रगति, भूमि गाटा संख्या, ग्राम का नाम, तैयारी की सूचना आदि की जानकारी ली गयी। 100 से कम गोवंश संख्या वाले गौआश्रय स्थलों में गोवंशों को बढ़ाने अथवा वृहद गौ संरक्षण केन्द्र में स्थानांतरित किये जाने पर बल दिया गया। ग्रीष्म ऋतु से संरक्षित गोवंशो को बचाव हेतु एडवाजरी जारी की गयी। वृहद गौ संरक्षण केन्द्र की स्थापना हेतु भूमि चिन्हांकन, दान और क्रय भूसा संग्रहण, एसएफसी पूलिंग सहित विभिन्न बिन्दुओं पर समिति द्वारा समीक्षा बैठक करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि गोवंश की देखभाल में लगे कर्मियों का भुगतान समय से सुनिश्चित किया जाए तथा उनका मानदेय मनरेगा द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी के अनुरूप दिया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि गोशालाओं का नियमित निरीक्षण किया जाए तथा व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए। साथ ही सभी गो-आश्रय स्थलों पर पौधारोपण सुनिश्चित कराने हेतु प्रभागीय वनाधिकारी को निर्देश दिए गए। इसके साथ ही हाईवे पर दुर्घटनाग्रस्त पशुओं को तत्काल निकटतम गो-आश्रय स्थल में सुरक्षित रखा जाए। गर्मी के दृष्टिगत गो-आश्रय स्थलों पर टिन शेड के ऊपर पुआल डालने, स्वच्छ पेयजल एवं छाया की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश संबंधित संचालकों को दिए गए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अधिकारी भी उपस्थित रहे।


