मधुबनी में भारत की जनगणना 2027 के प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह प्रशिक्षण निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय बिहार के निर्देशानुसार आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर शुक्रवार को जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को संबोधित किया। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना केवल व्यक्तियों की गिनती नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्र के भविष्य के निर्माण का आधार स्तंभ है। उन्होंने आगामी जनगणना 2027 के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसमें तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने प्रगणकों को इस ‘महायज्ञ’ की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया। डीएम ने कहा कि प्रगणक सीधे जनता के पास जाएंगे और जो आंकड़े एकत्र करेंगे, उन्हीं के आधार पर आने वाले दशक के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की योजनाएं तैयार की जाएंगी। उन्होंने जोर दिया कि यदि आंकड़े सटीक होंगे, तो योजनाएं भी सटीक बनेंगी। उन्होंने हर जानकारी को धैर्यपूर्वक और स्पष्टता से दर्ज करने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण प्रबंधन कोषांग द्वारा मधुबनी जिले में 13 से 24 अप्रैल तक प्रतिदिन चार बैच में प्रगणक/पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय अनुमंडलवार प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। भारत की जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित होगी, जिसमें प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) कार्य 2 मई से 31 मई 2026 तक निर्धारित एक महीने में किया जाएगा। ऐप और डिजिटल पोर्टल का उपयोग सावधानी से करें जिलाधिकारी ने प्रगणकों को मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल का उपयोग सावधानी से सीखने की सलाह दी, ताकि डेटा प्रविष्टि में कोई त्रुटि न हो। उन्होंने जनता के बीच जाते समय विनम्र और सहयोगी व्यवहार रखने तथा लोगों को उनकी जानकारी की गोपनीयता और सुरक्षा का विश्वास दिलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि एक छोटी सी गलती किसी गांव या वार्ड को सरकारी लाभ से वंचित कर सकती है। वेब एप्लीकेशन और स्व-गणना पोर्टल में नई तकनीक यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल का उपयोग, मकान सूचीकरण ब्लॉक का निर्माण (HLB), वेब एप्लीकेशन और स्व-गणना पोर्टल जैसी कई नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे आंकड़ों को कम समय में जारी करना संभव होगा। इस अवसर पर अपर समाहर्ता मुकेश रंजन और नगर आयुक्त उमेश भारती सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे। मधुबनी में भारत की जनगणना 2027 के प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह प्रशिक्षण निदेशक जनगणना कार्य निदेशालय बिहार के निर्देशानुसार आयोजित किया गया था। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर शुक्रवार को जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को संबोधित किया। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जनगणना केवल व्यक्तियों की गिनती नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्र के भविष्य के निर्माण का आधार स्तंभ है। उन्होंने आगामी जनगणना 2027 के महत्व पर प्रकाश डाला, जिसमें तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। उन्होंने प्रगणकों को इस ‘महायज्ञ’ की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी बताया। डीएम ने कहा कि प्रगणक सीधे जनता के पास जाएंगे और जो आंकड़े एकत्र करेंगे, उन्हीं के आधार पर आने वाले दशक के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास की योजनाएं तैयार की जाएंगी। उन्होंने जोर दिया कि यदि आंकड़े सटीक होंगे, तो योजनाएं भी सटीक बनेंगी। उन्होंने हर जानकारी को धैर्यपूर्वक और स्पष्टता से दर्ज करने का निर्देश दिया। प्रशिक्षण प्रबंधन कोषांग द्वारा मधुबनी जिले में 13 से 24 अप्रैल तक प्रतिदिन चार बैच में प्रगणक/पर्यवेक्षकों का तीन दिवसीय अनुमंडलवार प्रशिक्षण आयोजित किया गया था। भारत की जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित होगी, जिसमें प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) कार्य 2 मई से 31 मई 2026 तक निर्धारित एक महीने में किया जाएगा। ऐप और डिजिटल पोर्टल का उपयोग सावधानी से करें जिलाधिकारी ने प्रगणकों को मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल का उपयोग सावधानी से सीखने की सलाह दी, ताकि डेटा प्रविष्टि में कोई त्रुटि न हो। उन्होंने जनता के बीच जाते समय विनम्र और सहयोगी व्यवहार रखने तथा लोगों को उनकी जानकारी की गोपनीयता और सुरक्षा का विश्वास दिलाने पर भी जोर दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि एक छोटी सी गलती किसी गांव या वार्ड को सरकारी लाभ से वंचित कर सकती है। वेब एप्लीकेशन और स्व-गणना पोर्टल में नई तकनीक यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना है, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से आंकड़ों का संग्रहण, जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पोर्टल का उपयोग, मकान सूचीकरण ब्लॉक का निर्माण (HLB), वेब एप्लीकेशन और स्व-गणना पोर्टल जैसी कई नई तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे आंकड़ों को कम समय में जारी करना संभव होगा। इस अवसर पर अपर समाहर्ता मुकेश रंजन और नगर आयुक्त उमेश भारती सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे।


