अस्पताल परिसर में आकर शराब पीने का आरोप:सीएचओ ने सिविल सर्जन को लिखा लेटर, CS ने पुलिस की मदद लेने का दिया आदेश

अस्पताल परिसर में आकर शराब पीने का आरोप:सीएचओ ने सिविल सर्जन को लिखा लेटर, CS ने पुलिस की मदद लेने का दिया आदेश

समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड के चकहबीव गांव स्थित सीएचसी के कर्मी स्थानीय मनचले युवकों के कारण काफी परेशान है। सीएचसी कर्मियों का कहना है कि युवक सीएचसी परिसर में बेवजह प्रवेश कर गंदगी फैलाते हैं। यहां तक की दारू का भी सेवन करने लगते हैं। मना करने पर ऐसी दवा की मांग करते हैं, जो सीएचसी में नहीं रहती। सीएचसी की स्वास्थ्य अधिकारी अनीषा भारती ने प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से सिविल सर्जन को लेटर लिखकर कार्रवाई की मांग की है। जिसमें उन्होंने कई वीडियो भी शेयर किया है। लेटर के माध्यम से उन्होंने कहा है कि अक्सर गांव के कुछ युवक सीएचसी परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। इधर-उधर सो जाते हैं। परिसर में गुटखा आदि फेंक कर गंदगी फैलाते हैं। कई बार जब उन्होंने मना किया, तो कई तरह से धमकी देते हैं। चुकी इस केंद्र पर सिर्फ महिला कर्मी तैनात है, जिससे लोगों को काम में परेशानी हो रही है। पत्र में लिखा गया है कि जब से स्थानीय जनप्रतिनिधि के माध्यम से मामला को सलटाने को कहा गया है, तब से युवक और परेशान कर रहे हैं। महिला कर्मी को काम में काफी दिक्कत हो रही है। सिविल सर्जन बोले- पुलिस की मदद लेने का दिया आदेश उधर बिहार राज्य चिकित्सा और जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन से उचित कार्रवाई की मांग करते हुए पत्राचार किया है। सिविल सर्जन डॉ राजीव कुमार झा ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को इस मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन से सहयोग लेने को कहा गया है। ताकि सीएचसी का काम सूचारू रूप से चले। समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड के चकहबीव गांव स्थित सीएचसी के कर्मी स्थानीय मनचले युवकों के कारण काफी परेशान है। सीएचसी कर्मियों का कहना है कि युवक सीएचसी परिसर में बेवजह प्रवेश कर गंदगी फैलाते हैं। यहां तक की दारू का भी सेवन करने लगते हैं। मना करने पर ऐसी दवा की मांग करते हैं, जो सीएचसी में नहीं रहती। सीएचसी की स्वास्थ्य अधिकारी अनीषा भारती ने प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी के माध्यम से सिविल सर्जन को लेटर लिखकर कार्रवाई की मांग की है। जिसमें उन्होंने कई वीडियो भी शेयर किया है। लेटर के माध्यम से उन्होंने कहा है कि अक्सर गांव के कुछ युवक सीएचसी परिसर में प्रवेश कर जाते हैं। इधर-उधर सो जाते हैं। परिसर में गुटखा आदि फेंक कर गंदगी फैलाते हैं। कई बार जब उन्होंने मना किया, तो कई तरह से धमकी देते हैं। चुकी इस केंद्र पर सिर्फ महिला कर्मी तैनात है, जिससे लोगों को काम में परेशानी हो रही है। पत्र में लिखा गया है कि जब से स्थानीय जनप्रतिनिधि के माध्यम से मामला को सलटाने को कहा गया है, तब से युवक और परेशान कर रहे हैं। महिला कर्मी को काम में काफी दिक्कत हो रही है। सिविल सर्जन बोले- पुलिस की मदद लेने का दिया आदेश उधर बिहार राज्य चिकित्सा और जनस्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल सर्जन से उचित कार्रवाई की मांग करते हुए पत्राचार किया है। सिविल सर्जन डॉ राजीव कुमार झा ने कहा कि मामले की जानकारी मिली है। प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी को इस मामले में स्थानीय पुलिस प्रशासन से सहयोग लेने को कहा गया है। ताकि सीएचसी का काम सूचारू रूप से चले।  

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