‘दलित-पिछड़ी महिलाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो’:डुमरांव में भाकपा माले-ऐपवा का विरोध मार्च, कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन

‘दलित-पिछड़ी महिलाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित हो’:डुमरांव में भाकपा माले-ऐपवा का विरोध मार्च, कानून-व्यवस्था को लेकर प्रदर्शन

बक्सर के डुमरांव शहर में शुक्रवार को भाकपा माले और महिला संगठन ऐपवा के नेतृत्व में एक विरोध मार्च निकाला गया। यह मार्च महिला आरक्षण और जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के खिलाफ आयोजित किया गया था। यह विरोध मार्च भाकपा माले कार्यालय से शुरू हुआ और मुख्य पथ, गोला रोड तथा शहीद पार्क होते हुए नया थाना पहुंचा। यहां एक सभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता खेग्रामस जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान ने की और संचालन माले नेता ललन राम ने किया। सभा को जिला सचिव नवीन कुमार, नगर सचिव कृष्णा राम और ऐपवा नेत्री पूजा कुमारी ने संबोधित किया। नेताओं ने केंद्र सरकार की महिला आरक्षण नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अब तक लागू नहीं किया गया है, जो महिलाओं के साथ अन्याय है। महिला आरक्षण को अनावश्यक टाल दिया वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर अनावश्यक रूप से टाल दिया है। उनका कहना था कि महिला आरक्षण 2024 के चुनाव से ही लागू किया जा सकता था, लेकिन सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। साथ ही, सीटों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर भी चिंता व्यक्त की गई, जिससे दक्षिण और उत्तर-पूर्वी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है और संघीय ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। सभा में यह भी मांग की गई कि महिला आरक्षण में दलित और पिछड़ी महिलाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए। नेताओं ने केंद्र सरकार से अपील की कि जनगणना और परिसीमन की शर्तों को अलग करते हुए महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू किया जाए। ‘आरियांव पीड़ित को न्याय दो’ के नारे लगे इसके अतिरिक्त, बक्सर जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर भी गहरी चिंता जताई गई। विशेष रूप से आरियांव गांव में एक किशोरी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की घटना का जिक्र करते हुए प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा देने की मांग की गई। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “महिला आरक्षण लागू करो”, “दलित-पिछड़ी महिलाओं को अधिकार दो” और “आरियांव पीड़ित को न्याय दो” जैसे नारे लगाए। इस विरोध मार्च का नेतृत्व धर्मेंद्र सिंह यादव, भगवान दास, शंकर तिवारी, शैलेन्द्र पासवान, बाबूलाल राम, प्रभात कुमार, अरविंद यादव, सुरेन्द्र कुशवाहा, ऊषा देवी, मनोज राम और रिंकू कुरैशी सहित कई नेताओं ने संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम में चनकलिया देवी, राधेश्याम शर्मा, अनिल राय समेत कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। बक्सर के डुमरांव शहर में शुक्रवार को भाकपा माले और महिला संगठन ऐपवा के नेतृत्व में एक विरोध मार्च निकाला गया। यह मार्च महिला आरक्षण और जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं के खिलाफ आयोजित किया गया था। यह विरोध मार्च भाकपा माले कार्यालय से शुरू हुआ और मुख्य पथ, गोला रोड तथा शहीद पार्क होते हुए नया थाना पहुंचा। यहां एक सभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता खेग्रामस जिला अध्यक्ष कन्हैया पासवान ने की और संचालन माले नेता ललन राम ने किया। सभा को जिला सचिव नवीन कुमार, नगर सचिव कृष्णा राम और ऐपवा नेत्री पूजा कुमारी ने संबोधित किया। नेताओं ने केंद्र सरकार की महिला आरक्षण नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम को अब तक लागू नहीं किया गया है, जो महिलाओं के साथ अन्याय है। महिला आरक्षण को अनावश्यक टाल दिया वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकार ने महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर अनावश्यक रूप से टाल दिया है। उनका कहना था कि महिला आरक्षण 2024 के चुनाव से ही लागू किया जा सकता था, लेकिन सरकार की मंशा स्पष्ट नहीं है। साथ ही, सीटों में 50 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव पर भी चिंता व्यक्त की गई, जिससे दक्षिण और उत्तर-पूर्वी राज्यों के प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है और संघीय ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। सभा में यह भी मांग की गई कि महिला आरक्षण में दलित और पिछड़ी महिलाओं की हिस्सेदारी सुनिश्चित की जाए। नेताओं ने केंद्र सरकार से अपील की कि जनगणना और परिसीमन की शर्तों को अलग करते हुए महिला आरक्षण कानून को तत्काल लागू किया जाए। ‘आरियांव पीड़ित को न्याय दो’ के नारे लगे इसके अतिरिक्त, बक्सर जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर भी गहरी चिंता जताई गई। विशेष रूप से आरियांव गांव में एक किशोरी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की घटना का जिक्र करते हुए प्रशासन से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय व सुरक्षा देने की मांग की गई। मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “महिला आरक्षण लागू करो”, “दलित-पिछड़ी महिलाओं को अधिकार दो” और “आरियांव पीड़ित को न्याय दो” जैसे नारे लगाए। इस विरोध मार्च का नेतृत्व धर्मेंद्र सिंह यादव, भगवान दास, शंकर तिवारी, शैलेन्द्र पासवान, बाबूलाल राम, प्रभात कुमार, अरविंद यादव, सुरेन्द्र कुशवाहा, ऊषा देवी, मनोज राम और रिंकू कुरैशी सहित कई नेताओं ने संयुक्त रूप से किया।कार्यक्रम में चनकलिया देवी, राधेश्याम शर्मा, अनिल राय समेत कई कार्यकर्ता और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए।  

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