रायपुर में कैंसर पीड़ित महिला व्याख्याता की चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि रोकने के मामले में कार्रवाई करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने जिम्मेदार बाबू को निलंबित कर दिया। वहीं प्राचार्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। पीड़िता की शिकायत पर एक्शन लेते हुए कलेक्टर ने महज दो दिनों के भीतर करीब 2 लाख रुपए की राहत राशि जारी कराने के निर्देश दिए, जिससे लंबे समय से अटकी मदद तुरंत मिल सकी। जानकारी के अनुसार कैंसर से जूझ रही व्याख्याता ने इलाज में आ रही आर्थिक परेशानी को लेकर कलेक्टर से मुलाकात कर सहायता की गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद संचालनालय लोक शिक्षण को प्रस्ताव भेजा गया और तेजी से प्रक्रिया पूरी करते हुए दो दिन के भीतर राशि स्वीकृत कर संबंधित डीडीओ को भुगतान के लिए जारी कर दी गई। बाबू ने उच्च कार्यालय तक नहीं भेजा आवेदन जांच में सामने आया कि पीड़िता ने अपने विद्यालय में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लिए आवेदन दिया था, लेकिन संबंधित सहायक ग्रेड-03 (बाबू) ने उसे उच्च कार्यालय तक भेजा ही नहीं। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए कलेक्टर के निर्देश पर तत्काल प्रभाव से बाबू को निलंबित कर विकासखंड शिक्षा अधिकारी, धरसींवा कार्यालय में अटैच किया गया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि जरूरतमंदों के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ कार्य करने और लंबित मामलों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे मामलों में पीड़ितों को समय पर राहत मिल सके।


