Cancer Cause: हम सब बेहतर भविष्य के लिए अपना घर-बार छोड़कर दूसरे शहर जाते हैं। शुरू में सब अच्छा लगता है, लेकिन धीरे-धीरे अकेलेपन का एहसास होने लगता है। British Medical Journal of Oncology के अनुसार, जो लोग लंबे समय तक अकेले रहते हैं, उनके शरीर में ऐसी गड़बड़ियां होने लगती हैं जो कैंसर का खतरा बढ़ा देती हैं। इसका मतलब यह नहीं कि हर बाहर रहने वाले को कैंसर होगा, लेकिन हमारी लाइफस्टाइल इसे बढ़ा रही है।
1. कैंसर और अकेलेपन के बीच क्या संबंध है?
जब इंसान अकेला होता है और मन से दुखी रहता है, तो शरीर का इम्यून सिस्टम (बीमारियों से लड़ने की ताकत) सुस्त पड़ जाता है। हमारे शरीर में हर दिन कुछ खराब सेल्स बनते हैं जिन्हें इम्यून सिस्टम खत्म कर देता है। लेकिन जब हम अकेलेपन के तनाव में होते हैं, तो शरीर इन खराब सेल्स को पहचान नहीं पाता और बाद में कैंसर का रूप ले लेते हैं। लंबे समय तक अकेले रहने से दिमाग लगातार तनाव में रहता है। इस तनाव की वजह से शरीर के अंदर एक तरह की सूजन (Inflammation) बढ़ने लगती है। डॉक्टरों का मानना है कि यह अंदरूनी सूजन कैंसर के सेल्स को पनपने के लिए सबसे अच्छा माहौल देती है।
2. बाहर का खाना और बिगड़ता रूटीन
घर पर मां के हाथ का बना ताजा खाना मिलता है, लेकिन बाहर हम अक्सर होटल का मिर्च-मसाले वाला खाना या डिब्बा बंद चीजें खाते हैं। अकेले रहने पर हम खाने-पीने का समय भी फिक्स नहीं रखते। यही बिगड़ा हुआ खान-पान और फल-सब्जियों की कमी शरीर में कैंसर के सेल्स पनपने में मदद करती है।

3. नींद न आना और बुरी आदतें
घर की याद आना या काम की टेंशन में अक्सर रात को नींद नहीं आती। जब शरीर को पूरा आराम नहीं मिलता, तो वह अंदरूनी टूट-फूट को ठीक नहीं कर पाता। इसके अलावा, अकेलेपन को दूर करने के लिए कई लोग सिगरेट या शराब का सहारा लेने लगते हैं, जो कैंसर की सबसे बड़ी वजह बनती है।
क्या कहती है रिसर्च?
अमेरिका की कैंसर सोसाइटी की रिसर्च में पाया गया कि अकेलेपन से शरीर में ‘साइटोकिन्स’ का लेवल बढ़ जाता है। ये वो तत्व हैं जो शरीर के अंदर लंबे समय तक सूजन पैदा करते हैं। रिसर्च साबित कर चुकी है कि शरीर की पुरानी सूजन आगे चलकर कैंसर में बदल सकती है।
डिसक्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


