भास्कर न्यूज| पूर्णिया वर्दी में रील्स पोस्ट करने मामले में महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी को निलंबित कर दिया गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर वर्दी में रील्स और वीडियो बनाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के उल्लंघन मामले में अब कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ताजा मामले में जिले की महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी समेत दो महिला पुलिसकर्मियों का नाम सामने आया है। जिन पर अब अनुशासन की तलवार लटक रही है। बताया जाता है कि ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए रील्स या वीडियो बनाना वर्जित है। पुलिस की गोपनीय गतिविधियों या संवेदनशील सूचनाओं को सोशल मीडिया पर साझा करना अपराध की श्रेणी में आता है। सोशल मीडिया पर ऐसा कोई भी कृत्य नहीं होना चाहिए जिससे पुलिस विभाग की गरिमा धूमिल हो। बताया जाता है कि इस पर मुख्यालय ने कड़ी नाराजगी जताई है। सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) बिहार द्वारा सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को पत्र जारी कर एसओपी के अनुपालन का सख्त निर्देश दिया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया सेंटर बिहार पुलिस मुख्यालय की मॉनिटरिंग के दौरान पाया गया कि कई पदाधिकारी और कर्मी वर्दी में रील्स बनाकर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट कर रहे हैं। पुलिस मुख्यालय की इस सख्ती ने उन पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए वर्दी का उपयोग करते थे। कार्रवाई के बाद महकमे में हडकंप मच गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजी गई विवरणी में जिले की दो महिला पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं। इसमें महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी और एक अन्य महिला कर्मी का नाम सोशल मीडिया के गलत उपयोग (वर्दी में रील्स पोस्ट करने) की सूची में है। दूसरी महिला कॉस्टेबल है। ^महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पुलिस वर्दी में रील्स बनाकर पोस्ट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस वर्दी में रील्स बनाकर पोस्ट करना विभागीय नियमों के खिलाफ है । मामले में चेतावनी भी दी गई है। -स्वीटी सहरावत, एसपी। भास्कर न्यूज| पूर्णिया वर्दी में रील्स पोस्ट करने मामले में महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी को निलंबित कर दिया गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने सोशल मीडिया पर वर्दी में रील्स और वीडियो बनाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। मुख्यालय द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के उल्लंघन मामले में अब कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ताजा मामले में जिले की महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी समेत दो महिला पुलिसकर्मियों का नाम सामने आया है। जिन पर अब अनुशासन की तलवार लटक रही है। बताया जाता है कि ड्यूटी के दौरान या वर्दी पहनकर व्यक्तिगत मनोरंजन के लिए रील्स या वीडियो बनाना वर्जित है। पुलिस की गोपनीय गतिविधियों या संवेदनशील सूचनाओं को सोशल मीडिया पर साझा करना अपराध की श्रेणी में आता है। सोशल मीडिया पर ऐसा कोई भी कृत्य नहीं होना चाहिए जिससे पुलिस विभाग की गरिमा धूमिल हो। बताया जाता है कि इस पर मुख्यालय ने कड़ी नाराजगी जताई है। सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कल्याण) बिहार द्वारा सभी जिलों के वरीय पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक को पत्र जारी कर एसओपी के अनुपालन का सख्त निर्देश दिया गया है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि सोशल मीडिया सेंटर बिहार पुलिस मुख्यालय की मॉनिटरिंग के दौरान पाया गया कि कई पदाधिकारी और कर्मी वर्दी में रील्स बनाकर विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट कर रहे हैं। पुलिस मुख्यालय की इस सख्ती ने उन पुलिसकर्मियों के बीच हड़कंप मचा दिया है जो सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए वर्दी का उपयोग करते थे। कार्रवाई के बाद महकमे में हडकंप मच गया है। बिहार पुलिस मुख्यालय द्वारा भेजी गई विवरणी में जिले की दो महिला पुलिसकर्मियों के नाम शामिल हैं। इसमें महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी और एक अन्य महिला कर्मी का नाम सोशल मीडिया के गलत उपयोग (वर्दी में रील्स पोस्ट करने) की सूची में है। दूसरी महिला कॉस्टेबल है। ^महिला थानाध्यक्ष शबाना आजमी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पुलिस वर्दी में रील्स बनाकर पोस्ट करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। पुलिस वर्दी में रील्स बनाकर पोस्ट करना विभागीय नियमों के खिलाफ है । मामले में चेतावनी भी दी गई है। -स्वीटी सहरावत, एसपी।


