गयाजी में 24 अप्रैल को लगेगा रक्तदान शिविर:मार्च निकाल कर आज लोगों को दी जानकारी, कहा- हॉस्पिटल में ब्लड की कमी है

गयाजी में 24 अप्रैल को लगेगा रक्तदान शिविर:मार्च निकाल कर आज लोगों को दी जानकारी, कहा- हॉस्पिटल में ब्लड की कमी है

गयाजी में मानव एकता दिवस के अवसर पर एक जागरूकता जुलूस निकाला गया। आज निकाले गए इस जुलूस का उद्देश्य मानव सेवा और सामाजिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। इसमें संत निरंकारी मिशन के श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। जुलूस गया शहर के अलग-अलग मार्गों से गुजरा, जहां लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने बैनर, पोस्टर और नारों के जरिए “रक्तदान – महादान” का संदेश दिया, जिससे बताया गया कि यह कई जरूरतमंदों की जान बचा सकता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आने वाले 24 अप्रैल को संत निरंकारी सत्संग भवन, दुबहल (गया) में आयोजित होने वाले विशाल रक्तदान शिविर के लिए लोगों को प्रेरित करना है। संगठन के जोनल इंचार्ज राकेश कुमार सिंह ने इस अवसर पर बताया कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कर्तव्य नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा है। अस्पतालों में रक्त की कमी एक गंभीर समस्या उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन “मानव एकता” और “निस्वार्थ सेवा” के सिद्धांतों पर काम करता है, और यह रक्तदान शिविर इसी सेवा भावना का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।सिंह ने आगे बताया कि अस्पतालों में रक्त की कमी एक गंभीर समस्या है। उन्होंने गया के नागरिकों से 24 अप्रैल को आयोजित होने वाले शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और जरूरतमंदों की जान बचाने में सहयोग करने की अपील की। जुलूस के दौरान प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से शहर में भ्रमण किया, लोगों को जागरूक करते हुए रक्तदान के लिए प्रेरित किया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कई लोगों ने शिविर में भाग लेने का संकल्प लिया। इस प्रकार यह जागरूकता जुलूस न केवल एक आयोजन था, बल्कि समाज को एकजुट करने और सेवा के प्रति प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम भी साबित हुआ। आने वाले 24 अप्रैल को आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है। गयाजी में मानव एकता दिवस के अवसर पर एक जागरूकता जुलूस निकाला गया। आज निकाले गए इस जुलूस का उद्देश्य मानव सेवा और सामाजिक एकता का संदेश जन-जन तक पहुंचाना था। इसमें संत निरंकारी मिशन के श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। जुलूस गया शहर के अलग-अलग मार्गों से गुजरा, जहां लोगों को रक्तदान के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने बैनर, पोस्टर और नारों के जरिए “रक्तदान – महादान” का संदेश दिया, जिससे बताया गया कि यह कई जरूरतमंदों की जान बचा सकता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आने वाले 24 अप्रैल को संत निरंकारी सत्संग भवन, दुबहल (गया) में आयोजित होने वाले विशाल रक्तदान शिविर के लिए लोगों को प्रेरित करना है। संगठन के जोनल इंचार्ज राकेश कुमार सिंह ने इस अवसर पर बताया कि रक्तदान केवल एक सामाजिक कर्तव्य नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची सेवा है। अस्पतालों में रक्त की कमी एक गंभीर समस्या उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन “मानव एकता” और “निस्वार्थ सेवा” के सिद्धांतों पर काम करता है, और यह रक्तदान शिविर इसी सेवा भावना का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।सिंह ने आगे बताया कि अस्पतालों में रक्त की कमी एक गंभीर समस्या है। उन्होंने गया के नागरिकों से 24 अप्रैल को आयोजित होने वाले शिविर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और जरूरतमंदों की जान बचाने में सहयोग करने की अपील की। जुलूस के दौरान प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से शहर में भ्रमण किया, लोगों को जागरूक करते हुए रक्तदान के लिए प्रेरित किया। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और कई लोगों ने शिविर में भाग लेने का संकल्प लिया। इस प्रकार यह जागरूकता जुलूस न केवल एक आयोजन था, बल्कि समाज को एकजुट करने और सेवा के प्रति प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम भी साबित हुआ। आने वाले 24 अप्रैल को आयोजित रक्तदान शिविर में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की उम्मीद जताई जा रही है।  

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