Akhilesh Yadav vs Lucknow Mayor: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मजबूरी में किसी भी व्यक्ति को उनकी दिवंगत मां का नाम लेकर किसी अन्य महिला का अपमान नहीं करना चाहिए। अखिलेश यादव ने इसे नारी सम्मान के खिलाफ बताते हुए कहा कि यह केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि सभी महिलाओं का अपमान है।
उन्होंने आगे कहा कि अगर किसी के घर में बुजुर्ग या बच्चे मौजूद हों तो उनसे पूछा जाना चाहिए कि क्या इस तरह के बयान उचित हैं। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि जब एक महिला ही दूसरी महिला का सम्मान नहीं करेगी तो नैतिकता की बात कौन करेगा।
लखनऊ मेयर के बयान से शुरू हुआ विवाद
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने महिला आरक्षण और परिसीमन बिल को लेकर बयान दिया था। अपने बयान में उन्होंने कहा था कि अखिलेश यादव ने अपनी मां का अपमान किया है और उस महिला का भी अपमान किया है जिनकी कोख से उन्होंने जन्म लिया है।
मेयर ने आगे यह भी कहा था कि जिस बहन का हाथ पकड़कर वह चले, और जिस बेटी का चेहरा देखकर उनकी थकान दूर होती थी, उस महिला का भी अपमान हुआ है। इसी बयान के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया और विभिन्न दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
विजन इंडिया के तहत बड़ा कार्यक्रम आयोजित
इसी बीच अखिलेश यादव 25 अप्रैल को गाजियाबाद में किसानों से सीधा संवाद करने जा रहे हैं। यह कार्यक्रम विजन इंडिया के तहत ‘किसान क्यों पीड़ित, क्यों परेशान’ विषय पर आयोजित किया जाएगा। इससे पहले वह 28 मार्च को नोएडा में भी बड़ी रैली कर चुके हैं।
इस कार्यक्रम में किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों और सफल किसानों को आमंत्रित किया गया है। गन्ना और आलू किसानों की समस्याओं के साथ-साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जमीन अधिग्रहण और मुआवजे के मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी। पश्चिमी यूपी में किसानों की बढ़ती समस्याओं को देखते हुए यह संवाद राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुआवजा और खेती की चुनौतियों पर मंथन
गाजियाबाद में होने वाले इस किसान संवाद की रूपरेखा काफी विस्तृत तैयार की गई है। पश्चिमी यूपी में तेजी से हो रहे औद्योगिक विकास और जमीन अधिग्रहण के कारण किसान वर्ग में मुआवजे को लेकर काफी असंतोष है। अखिलेश यादव इस कार्यक्रम में किसान संगठनों, कृषि विशेषज्ञों, सफल किसानों और कृषि वैज्ञानिकों के साथ आमने-सामने बैठकर चर्चा करेंगे।
विशेष रूप से गन्ना और आलू किसानों की लंबित समस्याओं और भुगतान में देरी जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी है। ‘विजन इंडिया’ के माध्यम से अखिलेश इससे पहले मुंबई और राजस्थान में भी इसी तरह के संवाद कर चुके हैं।


