मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में 30 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू बनकर तैयार है। तिरहुत रेंज के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह मंगलवार को अस्पताल में ‘रोगी कल्याण समिति’ की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड के बाहर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। इन बोर्ड पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के नाम और उनके समय डिटेल दिखेगी। इसके अलावा, मरीजों से सीधा फीडबैक लेने के लिए कैंपस में आधुनिक कियोस्क स्थापित करने की भी बात कही। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि मरीजों का विश्वास जीतना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में आयुक्त ने लंबित शिकायतों के निपटारे को लेकर कहा कि इसे हर हाल में 15 दिन में निपटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल के कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव रखने और तीन शिफ्ट में कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0621-2231202 का प्रचार-प्रसार करने को भी कहा। वहीं, दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए ‘विश्राम सदन’ के बेहतर संचालन के लिए इसे जीविका समूहों या किसी सक्षम बाहरी एजेंसी को सौंपने का सुझाव दिया। मॉर्डन आईसीयू के संचालन के लिए स्टाफ की मांग आयुक्त ने 30 बेड के मॉर्डन आईसीयू के संचालने के लिए जरुरी पैरामेडिकल स्टाफ की मांग संबंधित विभाग से करने का निर्देश दिया। साथ ही, भारत सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए हाई क्वालिटी के आधुनिक उपकरणों को BMSICL के माध्यम से तत्काल स्थापित करने को कहा, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। बैठक से पहले आयुक्त ने खुद इमरजेंसी और ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों को अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म कोड का पालन करने का निर्देश दिया ताकि अस्पताल की गरिमा बनी रहे और मरीजों को डॉक्टरों की पहचान करने में आसानी हो। इसके अतिरिक्त, अस्पताल के मुख्य गेट से अतिक्रमण हटाने, पार्क के सौंदर्यीकरण और मरीजों के लिए शेड निर्माण के भी निर्देश दिए गए। मीडिया से बात करते हुए आयुक्त ने बताया कि केवल एसकेएमसीएच ही नहीं, बल्कि जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक का विशेष अभियान चलाकर नियमित निरीक्षण किया जा रहा है ताकि डॉक्टरों की उपस्थिति और सरकारी सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SKMCH) में 30 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू बनकर तैयार है। तिरहुत रेंज के कमिश्नर गिरिवर दयाल सिंह मंगलवार को अस्पताल में ‘रोगी कल्याण समिति’ की बैठक में शामिल हुए। उन्होंने ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड के बाहर डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाने का निर्देश दिया। इन बोर्ड पर ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के नाम और उनके समय डिटेल दिखेगी। इसके अलावा, मरीजों से सीधा फीडबैक लेने के लिए कैंपस में आधुनिक कियोस्क स्थापित करने की भी बात कही। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि मरीजों का विश्वास जीतना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैठक में आयुक्त ने लंबित शिकायतों के निपटारे को लेकर कहा कि इसे हर हाल में 15 दिन में निपटाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अस्पताल के कंट्रोल रूम को 24 घंटे एक्टिव रखने और तीन शिफ्ट में कर्मियों की तैनाती का निर्देश दिया। सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 0621-2231202 का प्रचार-प्रसार करने को भी कहा। वहीं, दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए ‘विश्राम सदन’ के बेहतर संचालन के लिए इसे जीविका समूहों या किसी सक्षम बाहरी एजेंसी को सौंपने का सुझाव दिया। मॉर्डन आईसीयू के संचालन के लिए स्टाफ की मांग आयुक्त ने 30 बेड के मॉर्डन आईसीयू के संचालने के लिए जरुरी पैरामेडिकल स्टाफ की मांग संबंधित विभाग से करने का निर्देश दिया। साथ ही, भारत सरकार की ओर से उपलब्ध कराए गए हाई क्वालिटी के आधुनिक उपकरणों को BMSICL के माध्यम से तत्काल स्थापित करने को कहा, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े। बैठक से पहले आयुक्त ने खुद इमरजेंसी और ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों को अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म कोड का पालन करने का निर्देश दिया ताकि अस्पताल की गरिमा बनी रहे और मरीजों को डॉक्टरों की पहचान करने में आसानी हो। इसके अतिरिक्त, अस्पताल के मुख्य गेट से अतिक्रमण हटाने, पार्क के सौंदर्यीकरण और मरीजों के लिए शेड निर्माण के भी निर्देश दिए गए। मीडिया से बात करते हुए आयुक्त ने बताया कि केवल एसकेएमसीएच ही नहीं, बल्कि जिला अस्पताल से लेकर पीएचसी और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तक का विशेष अभियान चलाकर नियमित निरीक्षण किया जा रहा है ताकि डॉक्टरों की उपस्थिति और सरकारी सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।


