जहानाबाद सदर अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं:इमरजेंसी में पेशेंट ट्रीटमेंट के लिए परेशान, घंटों इंतजार करना पड़ा

जहानाबाद सदर अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं:इमरजेंसी में पेशेंट ट्रीटमेंट के लिए परेशान, घंटों इंतजार करना पड़ा

जहानाबाद सदर अस्पताल की इमरजेंसी से डॉक्टर कई घंटों तक नदारद रहे। इससे इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक मरीज की पत्नी की तबीयत बिगड़ने के बावजूद उसे दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मनु कुमार नामक व्यक्ति ने बताया कि उनकी पत्नी की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद वे उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग दो घंटे तक वे अस्पताल में बैठे रहे, और उनकी पत्नी की तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। कुछ भी बताने से इनकार कर दिया जब मनु कुमार ने स्वास्थ्य कर्मियों से डॉक्टरों की अनुपस्थिति के बारे में जानकारी लेनी चाही, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सरकार स्वास्थ्य विभाग को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। जिला पदाधिकारी और सिविल सर्जन द्वारा अस्पताल का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों का सही ढंग से इलाज करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। डॉक्टरों की अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही इसके बावजूद, अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है, जिससे डॉक्टरों की अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही उजागर होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं, जहां डॉक्टर कई घंटों तक गायब रहते हैं। डॉक्टरों की इस तरह की लापरवाही से स्वास्थ्य विभाग की छवि खराब हो रही है। अब देखना होगा कि सिविल सर्जन इस मामले में अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं। जहानाबाद सदर अस्पताल की इमरजेंसी से डॉक्टर कई घंटों तक नदारद रहे। इससे इलाज के लिए आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एक मरीज की पत्नी की तबीयत बिगड़ने के बावजूद उसे दो घंटे तक इंतजार करना पड़ा। मनु कुमार नामक व्यक्ति ने बताया कि उनकी पत्नी की तबीयत अचानक खराब हो गई थी, जिसके बाद वे उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल लाए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग दो घंटे तक वे अस्पताल में बैठे रहे, और उनकी पत्नी की तबीयत लगातार बिगड़ती रही, लेकिन कोई भी डॉक्टर उपलब्ध नहीं था। कुछ भी बताने से इनकार कर दिया जब मनु कुमार ने स्वास्थ्य कर्मियों से डॉक्टरों की अनुपस्थिति के बारे में जानकारी लेनी चाही, तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सरकार स्वास्थ्य विभाग को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। जिला पदाधिकारी और सिविल सर्जन द्वारा अस्पताल का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है और स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों का सही ढंग से इलाज करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। डॉक्टरों की अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही इसके बावजूद, अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है, जिससे डॉक्टरों की अपने कर्तव्यों के प्रति लापरवाही उजागर होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं, जहां डॉक्टर कई घंटों तक गायब रहते हैं। डॉक्टरों की इस तरह की लापरवाही से स्वास्थ्य विभाग की छवि खराब हो रही है। अब देखना होगा कि सिविल सर्जन इस मामले में अनुपस्थित डॉक्टरों के खिलाफ क्या कार्रवाई करते हैं।  

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