तपस्या और आत्म संयम की याद दिलाती है अक्षय तृतीया 

तपस्या और आत्म संयम की याद दिलाती है अक्षय तृतीया 

बेंगलूरु.

तप, त्याग और संयम सदा से ही भारतीय संस्कृति के प्राण रहे हैं। भगवान आदिनाथ की आध्यात्मिक स्मृति करते हुए आज के भौतिक युग में भी अनेक साधु-साध्वी एवं श्रावक-श्राविकाएं वर्षीतप जैसी कठिन तपस्या की आराधना कर रहे हैं। आज का यह अक्षय तृतीया का पावन दिन हमें भगवान ऋषभदेव के त्याग, तपस्या और आत्म-संयम की याद दिलाता है।ये विचार मुनि डॉ. पुलकित कुमार ने जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभा, विजयनगर की ओर से आयोजित वर्षीतप पारणा महोत्सव के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह दिन दान, शील, तप और भावना की प्रेरणा देता है। दान से अंतराय कर्म का क्षय होता है। आदिनाथ भगवान का पारणा हमें यह संदेश देता है कि भगवान एक वर्ष तक निराहार रहे और जब उन्हें इक्षु रस प्राप्त हुआ, तभी राजा श्रेयांस कुमार का भी अंतराय कर्म टूटा और उन्हें दान देने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। मुनि ने उपस्थित जनसमूह को तपस्या करने वालों का सहयोग करने और युवक परिषद की ओर से आयोजित बारह व्रत कार्यशाला से जुड़ने की प्रेरणा दी।महोत्सव के दौरान 27 वर्षीतप आराधक तपस्वियों का पारणा संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मंगल शुभारंभ गायक मनीष पगारिया, गुलाब बांठिया एवं देवेंद्र नाहटा के गीत से हुआ। सभा के अध्यक्ष मंगल कोचर ने मुनि के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए सभी तपस्वियों की अनुमोदना की। मुनि आदित्य कुमार ने भक्तिमय गीतिका का संगान किया, वहीं महिला मंडल की सदस्यों ने सामूहिक गीतिका की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का विशेष आकर्षण महिला मंडल की भगवान ऋषभदेव एवं राजा श्रेयांस कुमार के जीवन चरित्र पर आधारित जीवंत लघु नाटिका रही।मुख्य अतिथि महासभा उपाध्यक्ष प्रकाश लोढ़ा और राजस्थान के सहाड़ा के विधायक लादूलाल पीतलिया ने अपने विचार साझा किए। इसके साथ ही महासभा दक्षिणांचल एवं मलनाड प्रभारी महेंद्र दक, तेयुप राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन मांडोत, अणुविभा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेश चावत, गांधीनगर सभा मंत्री विनोद छाजेड़, मंड्या सभा उपाध्यक्ष विनोद भंसाली, चेन्नई सभा उपाध्यक्ष महेंद्र मांडोत, विजयनगर सभा प्रभारी संजय बांठिया एवं युवक परिषद अध्यक्ष विकास बांठिया ने तपस्वियों की अनुमोदना की। आर.आर. नगर अध्यक्ष राकेश छाजेड़ ने आगामी 26 अप्रेल को आयोजित होने वाले आचार्य महाश्रमण जन्मोत्सव एवं पाटोत्सव कार्यक्रम में सभी को आमंत्रित किया।सभा की ओर से सभी तपस्वियों का सम्मान किया गया। मुनि ने आगामी वर्षीतप करने वाले श्रावकों को प्रत्याख्यान करवाया। कार्यक्रम का संचालन उपासक छत्र सिंह मालू ने किया। कार्यक्रम संयोजक सुभाषचंद्र पोखरणा ने आभार ज्ञापित किया। तपस्वियों के सम्मान पत्र का वाचन उपाध्यक्ष भंवरलाल मांडोत ने किया। आयोजन में संयोजक सुभाष पोकरणा, सहसंयोजक विमल दक एवं प्रकाश कोचर, उपाध्यक्ष भंवरलाल मांडोत, बाबूलाल बोथरा, ललित सेठिया, संगठन मंत्री मनोहर लाल बोहरा, जयंतीलाल बोहरा, सुरेश हिंगड़, मनोज सेठिया, धनराज छाजेड़ और विकास बेगवानी का विशेष श्रम और सहयोग रहा।

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