फर्रुखाबाद जनपद के कम्पिल थाना क्षेत्र स्थित पथरामई गांव में रविवार को भीषण अग्निकांड हुआ था। इस घटना में 16 परिवारों की गृहस्थी पूरी तरह जलकर राख हो गई। आग लगने के बाद गांव में तबाही का मंजर दिखाई दे रहा है, जहां पीड़ितों को मदद की आस है। रविवार दोपहर गांव निवासी ऋषिपाल के घर से आग लगना शुरू हुई। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन तेज हवाओं के कारण इसने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले लिया और तेजी से फैल गई। आग की लपटें उठते देख ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। उन्होंने समरसेबल और ट्यूबवेल चलाकर पानी से आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के कारण आग चारों ओर फैलती रही। बाद में दमकल की टीम मौके पर पहुंची और आग पर पूरी तरह काबू पाया गया। हालांकि, जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक 16 परिवारों का सब कुछ तबाह हो चुका था। किसानों के खेतों में रखा साल भर का गेहूं और आलू जल गए। बक्सों में रखे जेवरात भी आग की चपेट में आ गए। कई परिवारों के पास अब सिर छुपाने की जगह भी नहीं बची है। इस अग्निकांड में जानवर भी झुलस गए, कुछ की मौत भी हो गई। तबाही का मंजर भयावह था। पीड़ित अपनी बर्बादी देखकर बार-बार रो रहे थे और सरकारी मदद की गुहार लगा रहे थे। जले पड़े थे गेहूं सहित अन्य सामान
किसानों ने वर्ष भर खाने के लिए खेतों में गेहूं की पैदावार की थी। अग्निकांड में यह गेहूं जल गए। वहीं जले हुए गेहूं के ढेर जगह-जगह लगे हुए थे। एक ही बात पीड़ितों के मुंह से निकल रही थी कि अब साल भर क्या खाएंगे। बड़ी मेहनत से फसल तैयार कर गेहूं घर पहुंचे थे। सिर छुपाने को भी नहीं बची जगह
अग्निकांड में 16 परिवार की गृहस्थी जली थी इसमें से कुछ परिवार ऐसे हैं जिनके पास सिर छुपाने तक की जगह नहीं बची है। ऋषि पाल के घर से शुरू हुआ अग्निकांड अन्य घरों को भी अपने चपेट में ले लिया था। ऋषि पाल की पूरी गृहस्थी जलकर रखोगी बताया क्या की झोपड़ी में ही उनकी पूरी गृहस्थी थी। बाइक सहित अलमारी बक्सा जेवरात आदि रखा हुआ था वह भी जल गया। सिलेंडर और डीजल से लिया अग्नि विकराल रूप
अग्निकांड के दौरान एक गैस सिलेंडर भी फटा बताया गया कि करीब 150 मीटर दूर जाकर यह सिलेंडर गिरा। इसे ही आगे विकराल रूप लिया। वही एक पीड़ित के यहां दो ड्रम डीजल भी रखा हुआ था।आग की चपेट में जब यह डीजल आया तो आग विकराल हो गई थी। गनीमत यह रही की सिलेंडर एक ही फटा और समय रहते आग पर काबू पा लिया गया वरना झोपड़िया में अन्य गैस सिलेंडर भी रखे हुए थे। दोपहर होने के कारण ग्रामीण से गांव में मौजूद
ग्रामीणों ने बताया की सुबह शाम में खेतों में काम के लिए जाते हैं दोपहर के समय आराम करते हैं। बताया गनीमत यह रही कि आग दोपहर के समय लगी। ऐसे में गांव में ग्रामीण मौजूद थे और आग पर काबू पा लिया गया अगर यह आग सुबह या शाम को लगी होती तो पूरा गांव ही चपेट में ले लेती और स्थितियां यहां विकराल होती। 50 कट्टे जल गए गेहूं
अग्निकांड से पीड़ित ऊधो ने बताया मेरे बेटे ऋषि पाल के घर में आज सबसे पहले लगी थी। बताया पूरी तरह से अपने तबाह कर दिया है। बताया दो भैंस मर गई, दो अन्य जानवर झुलसे हैं। 50 कट्टे गेहूं जल गए। रुपए सहित गहने और बाइक भी जल गई। घर में से कुछ भी समान नहीं निकाल पाए सब सामान पूरी तरह से जल गया। बताया रिश्तेदार 5 दिन पहले ही गांव में ट्रैक्टर लेकर आए थे उनका ट्रैक्टर हमारे यहां खड़ा था। गेहूं की थ्रेशिंग के लिए यहां आया हुआ था नया ट्रैक्टर था वह भी पूरी तरह से जल गया। बताया कायमगंज से दमकल की गाड़ी यहां आई थी गाड़ी करीब 1 घंटे बाद आई। बताया सोने के झाले और चांदी के बिछिया, पायल भी अग्निकांड में जल गए। बताया अकेले रिशिपाल का ही करीब छह लाख रुपए का नुकसान हुआ है। अग्निकांड के बाद यहां अधिकारी आए थे उन्होंने राशन डीलर से गेहूं और चावल देने की बात कही थी लेकिन राशन डीलर ने गेहूं और चावल अब तक नहीं दिए हैं। झोपड़ी में सभी लोग रहे थे सो आग कैसे लगी नहीं जानकारी
सोनी ने बताया कि उन्हें पता ही नहीं है कि आग कैसे लगी। झोपड़ी में बच्चों सहित पूरा परिवार सो रहा था इस दौरान की पुकार मची की आग लग गई है। बताया अग्निकांड में सब कुछ तबाह हो गया यहां तक की बच्चों को पहनने के लिए कपड़े भी नहीं बचे हैं। बताया झोपड़ी में ही में बक्सा रखा था उसमें गहने रुपए रखे थे, सेफ भी उसी में रखी थी बाइक भी उसी में खड़ी थी सब कुछ जल गया। एक ट्राली गेहूं भी लगा था वह भी जल गया। गांव के लोग पीड़ितों को करा रहे भोजन
बताया गांव के ही लोग अपने घरों से बनाकर खाना ला रहे हैं। उससे ही बच्चों का पेट भर रहा है। प्रशासन के अधिकारी आए थे क्षति का आकलन कर ले गए हैं। वही पशु विभाग से भी एक टीम आई थी। जहां जानवरों का इलाज किया है। लोग बोले विधायक ने दिलाया था जमीन का पट्टा
गांव के लोगों ने बताया बाढ़ में उनके मकान बह गए थे। ऐसे में कायमगंज विधायक ने पहल कर उनको जमीन के पट्टे दिलवाए थे। इस पत्ते पर मकान और झोपड़ी डालकर रह रहे थे। अग्नि सब कुछ तबाह कर दिया है।


