चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड फिर से डिमोलिशन ड्राइव करने की तैयारी में है। इसके लिए हाउसिंग बोर्ड ने सेक्टर 29 और 30 के 386 मकानों को नोटिस जारी किए हैं, जिसमें मकान मालिकों द्वारा किए गए वायलेशन को खुद ही हटाने को कहा गया है। ऐसा न करने पर हाउसिंग बोर्ड खुद कार्रवाई करेगा। 3 पॉइंट में समझिए पूरा मामला
1. चंडीगढ़ के अलग-अलग सेक्टरों में अफॉर्डेबल हाउसिंग स्कीम के तहत चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने मकान दिए हैं।
2. इन मकानों में बिना अनुमति के कोई भी बदलाव नहीं किए जा सकते हैं और चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड बदलाव के लिए कोई अनुमति नहीं देता है।
3. धीरे-धीरे परिवार बड़े होने के कारण लोगों ने जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त कमरे, टॉयलेट या फिर पिलर लगाकर बरामदा बड़ा करने जैसे निर्माण किए हैं। अब समझिए अब तक क्या हुआ
-पिछले काफी सालों से हाउसिंग बोर्ड ऐसे मकान मालिकों को नोटिस जारी करता रहा है।
-चुनाव के समय राजनीतिक पार्टियां नीड-बेस्ड चेंज के लिए वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी की बात करती रहती हैं।
-4 अप्रैल को चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने सेक्टर 41 और 45 के मकानों को तोड़ने के लिए नोटिस जारी किए।
-5 अप्रैल को सेक्टर 41 में पार्षदों ने बैठक कर सर्वदलीय कमेटी का गठन किया।
-6 अप्रैल से 8 अप्रैल तक सेक्टर 45 में हाउसिंग बोर्ड की तरफ से मकान तोड़े गए।
-8 अप्रैल को हाउस की मीटिंग के दौरान मेयर और सभी पार्षद सेक्टर 45 में इस कार्रवाई के खिलाफ धरने पर बैठ गए, तो यह कार्रवाई रोक दी गई।


