फतेहाबाद में सर्वर-पोर्टल के जाल में फंसी गेहूं खरीद:मंडियों से उठान 20% भी नहीं हुआ; फोटो खिंचवा कर लौट रहे नेता

फतेहाबाद में सर्वर-पोर्टल के जाल में फंसी गेहूं खरीद:मंडियों से उठान 20% भी नहीं हुआ; फोटो खिंचवा कर लौट रहे नेता

फतेहाबाद जिले में गेहूं खरीद व्यवस्था सर्वर-पोर्टल में उलझ कर रह गई है। गेहूं खरीद व्यवस्था पूरी तरह तकनीकी खामियों की भेंट चढ़ गई है। कभी सर्वर स्लो तो कभी पोर्टल की जटिल प्रक्रिया के चलते गेट पास समय पर जारी नहीं हो रहे हैं, जिससे गेहूं से लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और गाड़ियां दो-दो दिन तक मंडियों में खड़ी रहने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि उठान की रफ्तार 20 फीसदी तक भी नहीं पहुंच पाई है।
मंडी परिसर में जगह-जगह गेहूं के ढेर लगे हैं और किसान अपनी फसल की रखवाली करने को मजबूर हैं। कई किसान रातें मंडी में गुजार रहे हैं। वहीं आढ़तियों का कहना है कि बार-बार सर्वर डाउन और पोर्टल की धीमी गति ने पूरी व्यवस्था को ठप कर दिया है। समय पर उठान न होने से भंडारण की भी समस्या खड़ी हो गई है। मंडियों में जाकर फोटो खिंचवा कर लौट रहे नेता स्थानीय स्तर के सत्ताधारी पार्टी और विपक्ष के नेता आए दिन मंडियों का दौरा कर रहे हैं। मगर समस्या का समाधान एक के पास भी नहीं है। कांग्रेस से विधायक बलवान दौलतपुरिया, बीजेपी के जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा और पूर्व विधायक दुड़ाराम सहित कई जनप्रतिनिधि मंडियों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं। हालांकि, आढ़तियों का कहना है कि सिर्फ फोटो खिंचवाने की बजाय नेतागण पोर्टल पर प्रक्रिया को सरल करवाने में मदद करें। 3 लाख 31 हजार 410 मीट्रिक टन हुई खरीद जिले में एफसीआई, हैफेड, फूड सप्लाई और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपाेरेशन समेत चार एजेंसीसियां खरीद कार्य कर रही हैं। अब तक जिले में 3 लाख 31 हजार 410 मीट्रिक टन की खरीद हुई है। मगर इसमें से मात्र 60 हजार 943 मीट्रिक लिफ्टिंग हुई है। उठान का यह आंकड़ा मात्र 19 फीसदी बनता है। यह आ रही मूल समस्या फतेहाबाद अनाज मंडी व्यापार मंडल के प्रधान जगदीश भादू बताते हैं कि उठान के लिए ट्रकों के गेट पास समय पर नहीं कट रहे हैं। इसको लेकर पोर्टल में जटिलताएं है। इस कारण दो-दो दिन तक ट्रक मंडियों में खड़े रहते हैं। इस कारण समय पर उठान नहीं हो रहा है। एक दिन में पहले एक लाख तक कट्‌टे उठते थे, लेकिन अब तो 15-20 फीसदी तक भी आंकड़ा नहीं पहुंच रहा है। भादू ने मांग की कि प्रदेश सरकार को पोर्टल की प्रक्रिया को सरल बनाना चाहिए ताकि किसानों और आढ़तियों को परेशानी न झेलनी पड़े।

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