AI से हो रही मॉनिटरिंग:गेहूं उपार्जन में 47 ब्लैकलिस्ट समितियों की समीक्षा जारी

AI से हो रही मॉनिटरिंग:गेहूं उपार्जन में 47 ब्लैकलिस्ट समितियों की समीक्षा जारी

जबलपुर जिले में गेहूं उपार्जन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बताया कि इस वर्ष 55 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे किसानों को सुविधा मिलेगी और केंद्रों पर भीड़ कम होगी। प्रशासन 47 ब्लैकलिस्टेड समितियों की समीक्षा कर रहा है। जिन समितियों पर अब कोई गंभीर आरोप नहीं हैं या जिनके मामले समाप्त हो चुके हैं, उन्हें दोबारा उपार्जन कार्य में शामिल करने पर विचार किया जा रहा है। निजी गोदामों में गेहूं भंडारण पर भी सख्ती बरती जा रही है। उपार्जन मौसम के दौरान निजी गोदामों को बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अवैध भंडारण और अनियमितताओं को रोका जा सके। किसानों को भेजा जाएगा मैसेज उपार्जन केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित चार प्रकार की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। किसानों को समय पर जानकारी देने के लिए एसएमएस प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत पंजीकृत किसानों को संदेश भेजकर उपार्जन प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा। इस वर्ष एक नया डेटा एनालिसिस सेल भी बनाया गया है, जो जेनरेटिव एआई तकनीक का उपयोग करेगा। यह सेल पिछले 3-4 वर्षों के राजस्व, खाद वितरण और पंजीयन डेटा का विश्लेषण करेगा। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों की पहचान करना है, जहां हर साल उत्पादन या बिक्री में असामान्य अंतर पाया जाता है। प्रशासन के अनुसार, यह तकनीक संदिग्ध लेन-देन और बिचौलियों की गतिविधियों पर नज़र रखेगी, ताकि केवल वास्तविक किसान ही उपार्जन केंद्रों पर गेहूं बेच सकें।

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