कैमूर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए राजस्व कर्मियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में बाधा डालने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में कई राजस्व कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने बताया कि विभाग स्तर पर हुई वार्ता के बाद सभी कर्मियों को 13 तारीख तक काम पर लौटने का निर्देश दिया गया था। अधिकांश कर्मचारी वापस लौट आए हैं, लेकिन जानकारी के अनुसार, 4-5 राजस्व कर्मियों ने अभी तक अपना योगदान नहीं दिया है। इसी लापरवाही और राजस्व कार्यों में बाधा डालने के कारण इन पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। नोटिस जारी कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि जो कर्मचारी अभी भी हड़ताल पर हैं, उन्हें नोटिस जारी कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये कर्मी तुरंत अपने कर्तव्यों पर नहीं लौटते हैं, तो उनके विरुद्ध और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का तर्क है कि राजस्व से जुड़े कार्य आम जनता की सुविधाओं और जिले के विकास से सीधे तौर पर संबंधित हैं। इन्हें हड़ताल के कारण बाधित नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी के इस सख्त कदम से हड़ताली कर्मियों में हड़कंप मच गया है। कैमूर में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गए राजस्व कर्मियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कार्यों में बाधा डालने वाले कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा। विभाग के निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में कई राजस्व कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिलाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने बताया कि विभाग स्तर पर हुई वार्ता के बाद सभी कर्मियों को 13 तारीख तक काम पर लौटने का निर्देश दिया गया था। अधिकांश कर्मचारी वापस लौट आए हैं, लेकिन जानकारी के अनुसार, 4-5 राजस्व कर्मियों ने अभी तक अपना योगदान नहीं दिया है। इसी लापरवाही और राजस्व कार्यों में बाधा डालने के कारण इन पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। नोटिस जारी कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि जो कर्मचारी अभी भी हड़ताल पर हैं, उन्हें नोटिस जारी कर विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ये कर्मी तुरंत अपने कर्तव्यों पर नहीं लौटते हैं, तो उनके विरुद्ध और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। प्रशासन का तर्क है कि राजस्व से जुड़े कार्य आम जनता की सुविधाओं और जिले के विकास से सीधे तौर पर संबंधित हैं। इन्हें हड़ताल के कारण बाधित नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी के इस सख्त कदम से हड़ताली कर्मियों में हड़कंप मच गया है।


