फेक करेंसी नेटवर्क का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार:79,800 रुपए के नकली नोट बरामद, डबल करने का झांसा देकर लोगों को बनाता था शिकार

फेक करेंसी नेटवर्क का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड समेत 5 गिरफ्तार:79,800 रुपए के नकली नोट बरामद, डबल करने का झांसा देकर लोगों को बनाता था शिकार

पूर्णिया के जानकीनगर में पुलिस ने फेक करेंसी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने 79 हजार 800 रुपए की फेक करेंसी पकड़ी है। गिरोह के सरगना मोहम्मद ऐनुल समेत पांच लोगों को गिरफ्तारी हुई है। कनेक्शन पश्चिम बंगाल से जुड़ा हुआ है। वहीं से नकली नोटों की सप्लाई होती थी। पूर्णिया, मधेपुरा और सुपौल में खपाया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद ऐनुल के अलावा नीतीश कुमार, रूपेश कुमार, मुकेश कुमार और राजीव कुमार शामिल है। सभी मधेपुरा जिले के मुरलीगंज के रहने वाले है। बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम ने बताया कि ये गिरोह काफी समय से सक्रिय था और बेहद शातिर तरीके से लोगों को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देते थे। जैसे ही कोई इनके झांसे में आता, उससे असली पैसे लेकर बदले में नकली नोट थमा दिए जाते थे। इस तरह ये गिरोह लगातार लोगों को ठग रहा था और बाजार में नकली नोट खपा रहा था। इनपुट के आधार पर रेड मामले की गंभीरता को देखते हुए बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। छानबीन के दौरान गुप्त सूचना मिली। इसके बाद पूरी योजना बनाकर छापेमारी की गई। टीम ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी मोहम्मद ऐनुल को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 200-200 रुपए के 399 नकली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 79 हजार 800 रुपए है। इसके अलावा 45 हजार 500 रुपए के असली नोट भी बरामद हुए, जो गिरोह ने लोगों से ठगी कर जुटाए थे। एक मोबाइल भी जब्त किया गया है, जिसका इस्तेमाल इस पूरे नेटवर्क को चलाने में किया जा रहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का कनेक्शन पश्चिम बंगाल से जुड़ा हुआ है। ठगी के धंधे में ऐनुल का परिवार शामिल जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। इस धंधे में ऐनुल का परिवार भी शामिल था। उसकी पत्नी और बेटा दुकानदारों को निशाना बनाकर नकली नोट से सामान खरीदते थे और उन्हें बाजार में आसानी से चला देते थे। फिलहाल दोनों फरार है। गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जानकीनगर थानाध्यक्ष परीक्षित पासवान ने बताया कि पुलिस को इस गिरोह की गतिविधियों की जानकारी पहले से मिल रही थी। अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े बड़े सप्लायर और अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। एसडीपीओ शैलेश प्रीतम ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि जल्दी पैसा कमाने के लालच में न पड़ें। ऐसे लालच ही नकली नोट गिरोहों का सबसे बड़ा हथियार होते हैं, जिनके जरिए वे लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। पूर्णिया के जानकीनगर में पुलिस ने फेक करेंसी के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने 79 हजार 800 रुपए की फेक करेंसी पकड़ी है। गिरोह के सरगना मोहम्मद ऐनुल समेत पांच लोगों को गिरफ्तारी हुई है। कनेक्शन पश्चिम बंगाल से जुड़ा हुआ है। वहीं से नकली नोटों की सप्लाई होती थी। पूर्णिया, मधेपुरा और सुपौल में खपाया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद ऐनुल के अलावा नीतीश कुमार, रूपेश कुमार, मुकेश कुमार और राजीव कुमार शामिल है। सभी मधेपुरा जिले के मुरलीगंज के रहने वाले है। बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम ने बताया कि ये गिरोह काफी समय से सक्रिय था और बेहद शातिर तरीके से लोगों को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य भोले-भाले लोगों को पैसा दोगुना करने का लालच देते थे। जैसे ही कोई इनके झांसे में आता, उससे असली पैसे लेकर बदले में नकली नोट थमा दिए जाते थे। इस तरह ये गिरोह लगातार लोगों को ठग रहा था और बाजार में नकली नोट खपा रहा था। इनपुट के आधार पर रेड मामले की गंभीरता को देखते हुए बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। छानबीन के दौरान गुप्त सूचना मिली। इसके बाद पूरी योजना बनाकर छापेमारी की गई। टीम ने जाल बिछाकर मुख्य आरोपी मोहम्मद ऐनुल को उसके घर से गिरफ्तार किया। पूछताछ में पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 200-200 रुपए के 399 नकली नोट बरामद किए, जिनकी कुल कीमत 79 हजार 800 रुपए है। इसके अलावा 45 हजार 500 रुपए के असली नोट भी बरामद हुए, जो गिरोह ने लोगों से ठगी कर जुटाए थे। एक मोबाइल भी जब्त किया गया है, जिसका इस्तेमाल इस पूरे नेटवर्क को चलाने में किया जा रहा था। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह का कनेक्शन पश्चिम बंगाल से जुड़ा हुआ है। ठगी के धंधे में ऐनुल का परिवार शामिल जांच के दौरान एक और बड़ा खुलासा हुआ है। इस धंधे में ऐनुल का परिवार भी शामिल था। उसकी पत्नी और बेटा दुकानदारों को निशाना बनाकर नकली नोट से सामान खरीदते थे और उन्हें बाजार में आसानी से चला देते थे। फिलहाल दोनों फरार है। गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जानकीनगर थानाध्यक्ष परीक्षित पासवान ने बताया कि पुलिस को इस गिरोह की गतिविधियों की जानकारी पहले से मिल रही थी। अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं, ताकि इस नेटवर्क से जुड़े बड़े सप्लायर और अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। एसडीपीओ शैलेश प्रीतम ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि जल्दी पैसा कमाने के लालच में न पड़ें। ऐसे लालच ही नकली नोट गिरोहों का सबसे बड़ा हथियार होते हैं, जिनके जरिए वे लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।  

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