कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में बुधवार को वीरपुर प्रखंड कार्यालय सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में प्रशिक्षित करना था। कार्यशाला का संचालन बीटीएम वैभव कुमार ने किया। कार्यशाला में किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें हरित खाद, वर्मी कंपोस्ट और बायो फर्टिलाइजर के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि संतुलित उर्वरक के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होती है। यह मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने टिकाऊ खेती के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। वहीं, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सर्वेश कुमार ने किसानों से कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण (आत्मा) के तत्वावधान में बुधवार को वीरपुर प्रखंड कार्यालय सभागार में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग के बारे में प्रशिक्षित करना था। कार्यशाला का संचालन बीटीएम वैभव कुमार ने किया। कार्यशाला में किसानों को वैज्ञानिक और आधुनिक खेती के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें हरित खाद, वर्मी कंपोस्ट और बायो फर्टिलाइजर के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि संतुलित उर्वरक के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और कृषि उत्पादन में भी वृद्धि होती है। यह मिट्टी के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी अभिषेक रंजन ने टिकाऊ खेती के लिए वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। वहीं, प्रखंड कृषि पदाधिकारी सर्वेश कुमार ने किसानों से कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की।


