रेडियो पर बस एक आदेश और जहाजों ने तुरंत लिया यू-टर्न, 2 दिनों में ईरान के 8 तेल टैंकर हॉर्मुज से वापस लौटे

रेडियो पर बस एक आदेश और जहाजों ने तुरंत लिया यू-टर्न, 2 दिनों में ईरान के 8 तेल टैंकर हॉर्मुज से वापस लौटे

अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी के पहले 24 घंटों में एक भी जहाज ईरानी बंदरगाह में न घुस सका और न ही बाहर निकल सका। इस पूरे अभियान में 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक और एक दर्जन से अधिक युद्धपोत लगे हैं।

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि नाकेबंदी के पहले दो घंटों में ही ईरान से जुड़े दो तेल टैंकरों को हॉर्मुज स्ट्रेट से वापस लौटाया गया। सोमवार से अब तक हॉर्मुज से वापस लौटने वाले ईरान से जुड़े तेल टैंकरों की संख्या 8 हो गई है।

कैसे काम कर रहा अमेरिकी ‘जाल’?

एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी युद्धपोत पहले यह देखते हैं कि कोई जहाज ईरानी बंदरगाह से निकलकर हॉर्मुज स्ट्रेट पार कर रहा है।

फिर सही मौका देखकर उसे रोका जाता है। एक ही रास्ता अंदर और एक ही रास्ता बाहर जाता है। अमेरिकी सेना ने इसे पूरी तरह से बंद कर रखा है।

अमेरिकी नौसेना की रणनीति यह है कि जहाजों को रेडियो पर सूचित किया जाए कि वे नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहे हैं और उन्हें वापस लौटना होगा। अब तक सभी जहाजों ने यह आदेश मान लिया है। एक भी बार बोर्डिंग की नौबत नहीं आई, एक भी गोली नहीं चली।

पांच में से पांच तेल के टैंकर

वापस लौटाए गए जहाजों में पांच तेल ले जाने वाले टैंकर थे। छठे जहाज में क्या था, यह अभी साफ नहीं हुआ है। अगर कोई जहाज आदेश मानने से इनकार करता है तो अमेरिकी सेना को ताकत इस्तेमाल करने की पूरी छूट है, यहां तक कि लड़ाकू विमान या युद्धपोत से हमला भी किया जा सकता है। हालांकि अभी तक ऐसी नौबत नहीं आई।

नाकेबंदी की सीमा क्या है?

यह नाकेबंदी सिर्फ उन जहाजों पर लागू होती है जो ईरानी बंदरगाहों से आ-जा रहे हैं। दूसरे देशों के बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाज इस नाकेबंदी से प्रभावित नहीं होंगे।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह नाकेबंदी ईरान को हर दिन करीब 43.5 करोड़ डॉलर का नुकसान करा सकती है। ईरान का 90 फीसद से ज्यादा समुद्री व्यापार हॉर्मुज से होकर ही गुजरता है।

क्यों शुरू हुई यह नाकेबंदी?

पाकिस्तान में हुई अमेरिका-ईरान वार्ता के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने 13 अप्रैल को यह नाकेबंदी लागू कर दी। ट्रंप ने ऐलान किया था कि हॉर्मुज से आने-जाने वाले हर जहाज को रोका जाएगा।

इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि ट्रंप ईरान पर सीमित हमलों पर भी विचार कर रहे हैं ताकि शांति वार्ता में गतिरोध तोड़ा जा सके। फिलहाल हॉर्मुज पर अमेरिका का पहरा है। जहाज वापस लौट रहे हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि यह शांतिपूर्ण वापसी कब तक चलती रहेगी।

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