Salman Khan Shah Rukh Khan Skipped Asha Bhosle Funeral: भारतीय संगीत जगत का एक सुनहरा अध्याय 12 अप्रैल को हमेशा के लिए बंद हो गया। 92 साल की उम्र में दिग्गज गायिका आशा भोसले ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 13 अप्रैल को मुंबई के ऐतिहासिक शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सुबह से ही उनके घर पर अंतिम दर्शन के लिए फिल्म, संगीत और राजनीति के दिग्गज हस्तियों का तांता लगा रहा। लेकिन इस गमगीन माहौल के बीच फैंस और मीडिया की नजरें बॉलीवुड के दो बड़े सितारों- शाहरुख खान और सलमान खान, को ढूंढती रहीं जो वहां नजर नहीं आए। जबकि वह मुंबई में ही मौजू थे।, अब इसके पीछे का बड़ा कारण सामने आ रहा है।
सलमान-शाहरुख ने क्यों बनाई आशा भोसले के अंतिम संस्कार से दूरी (Salman- Shah Rukh Skipped Asha Bhosle Funeral this reason)
आशा भोसले के साथ इन दोनों ही सितारों का बेहद करीबी और आत्मा से जुड़ा रिश्ता रहा है, ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘डेक्कन क्रॉनिकल’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, जिस समय आशा ताई का अंतिम संस्कार हो रहा था, शाहरुख और सलमान दोनों मुंबई में ही मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वह कथित तौर पर सुरक्षा कारणों और भारी भीड़ की वजह से वहां नहीं पहुंचे।
अंतिम संस्कार में हजारों की भीड़ उमड़ी थी और कई VVIP हस्तियां मौजूद थीं। ऐसे में सुपरस्टार्स के वहां पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था को संभालना और भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता था। हालांकि, इस पर अभी तक दोनों सितारों की तरफ से कोई आधिकारिक सफाई नहीं आई है।

सोशल मीडिया पर छलका दर्द
भले ही ये दोनों सुपरस्टार व्यक्तिगत रूप से वहां नहीं पहुंच पाए, लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए अपनी ‘आशा ताई’ को बेहद भावुक विदाई दी थी। सलमान खान ने आशा जी की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा था, “भारतीय संगीत उद्योग के लिए यह एक अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज को कोई दूसरा कभी नहीं बदल सकता। आपके गाने आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।”
वहीं, शाहरुख खान ने भी आशा ताई के साथ अपनी एक पुरानी फोटो शेयर करते हुए गहरा दुख जताया था। शाहरुख ने लिखा, “आशा ताई ने हमेशा मुझ पर अपना प्यार और आशीर्वाद बरसाया। उनकी आवाज भारतीय सिनेमा की नींव थी और सदियों तक गूंजती रहेगी। मैं उन्हें बहुत याद करूंगा।”

अंतिम पलों की कहानी
आशा भोसले की तबीयत 11 अप्रैल की रात अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, मल्टीपल ऑर्गन फेलियर (कई अंगों का काम बंद करना) उनके निधन की मुख्य वजह बनी। उनकी पोती जनाई ने बताया था कि उन्हें सीने में इंफेक्शन की शिकायत थी। आशा ताई पिछले कई महीनों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। उनके जाने से न केवल मंगेशकर परिवार, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर है। संगीत का वह दौर अब थम गया है, जिसकी गूंज हर भारतीय के दिल में बसी थी।


