Lebanon Israel talks: अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच भले ही जंग थम गई हो, लेकिन मध्य-पूर्व में हालात अभी भी तनाव पूर्ण है। हालांकि शांति स्थापित करने को लेकर कोशिशें शुरू हो गई हैं। पाकिस्तान में एक तरफ दो दिन में अमेरिका और ईरान के बीच फिर बातचीत हो सकती। वही, अमेरिकी की मध्यस्थता में मंगलवार को वाशिंगटन में लेबनान और इजरायल के बीच 33 साल बाद पहली बार बातचीत हो रही है। हालांकि शांति के प्रयासों के दौरान हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल के 13 शहरों को रॉकेट से निशाना बनाया। हिजबुल्लाह की ओर जारी बयान में कहा गया कि उसने शाम 6:15 बजे (15ः15 GMT) किरयात शमोना, मेटुला और 11 अन्य कस्बों को एक साथ रॉकेट हमले किए गए।
हिजबुल्लाह ने कहा कि उसने इजरायली सेना और सीमा के पास के इलाकों पर अतिरिक्त हमले किए हैं। समूह ने कहा कि उसने खियाम के दक्षिण में इजरायली सैनिकों और वाहनों के जमावड़े पर रॉकेट दागे। अल-जजीरा के अनुसार, उसने कर्मियल शहर में इजरायली सैन्य बुनियादी ढांचे को भी रॉकेटों से निशाना बनाया।
इन हमलों को लेकर इजरायली सेना की ओर से पहले ही चेतावनी दी गई थी इजरायली सेना का मानना था कि वाशिंगटन में इजरायली और लेबनानी अधिकारियों की सीधी वार्ता के दौरान हिजबुल्लाह घातक हमला कर सकता है। ऐसे में इसको लेकर इजरायली सेना पहले से ही अलर्ट पर थी।
यूरोपीय देशों की लेबनान में लड़ाई रोकने की अपील
इजरायल और लेबनान के बीच वाशिंगटन में होने वाली बैठक से पहले यूरोपीय देशों की तरफ से जंग रोकने की अपील की गई। यूरोपीय देशों ने कहा कि दोनों पक्ष मिलकर तनाव कम करें और स्थायी समाधान खोजे। यह अच्छा मौका है। इसे गंवाना नहीं चाहिए। मौजूदा जंग से हालात और खराब हो सकते हैं।
लेबनान नहीं, असली समस्या हिजबुल्लाहः इजरायल
इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने कहा है कि असली समस्या हिजबुल्लाह है, लेबनान नहीं। दोनों देशों के बीच कोई बड़ा विवाद नहीं है, लेकिन हिजबुल्लाह के चलते तनाव है। लेबनान इजरायल के साथ शांति और सामान्य रिश्ते चाहता है।
उधर, इजरायल की मीडिया के मुताबिक, दक्षिण लेबनान के बिंत जबैल में सोमवार रात किए गए ड्रोन हमले में इजरायल के 11 सैनिक घायल हो गए हैं।


